जरुरी जानकारी | बिनौला, मूंगफली, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला, कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा जबकि मांग प्रभावित होने और आवक कम रहने से बाकी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर टिके रहे।
नयी दिल्ली, चार सितंबर विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला, कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा जबकि मांग प्रभावित होने और आवक कम रहने से बाकी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर टिके रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज और शिकॉगो एक्सचेंज में शुक्रवार के कारोबार में तेजी रही और ये एक्सचेंज शनिवार को बंद रहे। उन्होंने कहा कि ऊंचे भाव पर मांग कमजोर होने के साथ-साथ मंडियों में कम आपूर्ति के कारण जहां सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर टिके रहे वहीं सस्ता होने के कारण पामोलीन तेल की मांग बढ़ी है। कच्चा तेल मंगाकर उसका प्रसंस्करण करने में कहीं ज्यादा लागत बैठती है लेकिन पामोलीन का आयात खोले जाने के बाद देश में छोटे से लेकर बड़े व्यावसायियों में पामोलीन की मांग बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बीच कच्चे पामतेल के भाव जहां पूर्वस्तर पर बंद हुए, वहीं पामोलीन की आवक बढ़ने से पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि देश में पामोलीन का सस्ता आयात बढ़ने से सीपीओ प्रसंस्करण करने वाले मिलों के पास कोई काम नहीं रह गया है और कई मिलें बंद की जा चुकी हैं।
सूत्रों ने कहा कि ऊंचे भाव पर मांग कमजोर होने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव भी गिरावट का रुख प्रदर्शित करते बंद हुए।
उन्होंने कहा कि ऊंची कीमत पर सरसों की मांग प्रभावित होने और मंडियों में कम आवक होने के कारण सलोनी, आगरा और कोटा में सरसों तिलहन के भाव बढ़ाकर 9,200 रुपये प्रति क्विंटल कर दिये गये हैं। इसके अलावा देश भर की मंडियों में सरसों की जो आवक प्रतिदिन करीब एक लाख 70 हजार बोरी की थी वह घटकर डेढ़ लाख बोरी रह गई है।
सूत्रों ने कहा कि 10-15 दिनों में बिनौला और सोयाबीन की नई फसलें मंडियों में उतरने वाली हैं और उसके बाद स्थिति में सुधार आने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। नई फसल आने की संभावनाओं के बीच बिनौला तेल के भाव भी हानि का रुख प्रदर्शित करते बंद हुए।
अन्य तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर रहे।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 8,400 - 8,450 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 6,820 - 6,965 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,570 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,395 - 2,525 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 17,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,605 -2,655 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,690 - 2,800 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,500 - 18,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,000 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,900 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,540 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,900 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,350 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,430 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,320 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 9,100 - 9,500, सोयाबीन लूज 8,800 - 9,000 रुपये
मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2021 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

