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कार्पोरेट कंपनियों ने कोविड-19 की तेज जांच के लिए आधुनिक मशीनें दान दी मप्र सरकार को

प्रदेश सरकार के लिए कोविड-19 के मरीजों की तेजी से जांच करना एक बड़ी चुनौती है। प्रदेश में अब तक कोरोना के 2165 मरीज पाए गए हैं और इनमें से 110 लोगों की मौत हो चुकी है। कार्पोरेट सोशल रिस्पान्सबिलिटी (सीएसआर) के तहत प्रिज्म जाॅनसन लिमिटेड की इकाई प्रिज्म सीमेंट और इन्दौर की यश टेक्नॉलाजी ने दो उच्च क्षमता वाली उन्नत जांच मशीनें दान करेंगी।

कार्पोरेट कंपनियों ने कोविड-19 की तेज जांच के लिए आधुनिक मशीनें दान दी मप्र सरकार को

भोपाल, 28 अप्रैल मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के नमूनों की तेजी से जांच करने के लिए प्रिज्म सीमेंट और यश टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों ने प्रदेश सरकार को आधुनिक जांच मशीनें दान करने का निर्णय लिया है।

प्रदेश सरकार के लिए कोविड-19 के मरीजों की तेजी से जांच करना एक बड़ी चुनौती है। प्रदेश में अब तक कोरोना के 2165 मरीज पाए गए हैं और इनमें से 110 लोगों की मौत हो चुकी है। कार्पोरेट सोशल रिस्पान्सबिलिटी (सीएसआर) के तहत प्रिज्म जाॅनसन लिमिटेड की इकाई प्रिज्म सीमेंट और इन्दौर की यश टेक्नॉलाजी ने दो उच्च क्षमता वाली उन्नत जांच मशीनें दान करेंगी।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने मंगलवार को बताया कि कोरोना नमूनों की जांच के लिए यह मशीनें इन्दौर और भोपाल के मेडिकल कॉलेज में लगाई जायेंगी।

शुक्ला ने बताया कि प्रारंभ में यह कंपनियां मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने की योजना बना रही थीं लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुझाव दिया कि बेहतर होगा कि ये कंपनियां नकद धनराशि के बजाय कोरोना की जांच मशीनें दान में दे सकती हैं। इससे कोरोना के इस संकट समय में कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच में तेजी आ सकेगी।

शुक्ला ने बताया कि इन आधुनिक मशीन की क्षमता 800 से 1000 परीक्षण प्रतिदिन करने की है। उन्होंने बताया कि इन्दौर और भोपाल में ये मशीनें आ चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा वर्धमान ग्रुप, डालमिया सीमेंट और वेलस्पन ने प्रदेश में कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए ऐसी मशीनें प्रदेश सरकार को दान देने का फैसला किया है।

प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड के नीलमणि सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में कोविड- 19 की परीक्षण सुविधाओं को बढ़ाने के लिए, प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड के प्रिज्म सीमेंट डिविजन ने प्रदेश सरकार को एक उच्च गति कोरोना वायरस मशीन सीएसआर के तहत योगदान करने का निर्णय लिया।

उन्होंने बताया कि सिंगापुर में निर्मित यह मशीन आरटी पीसीआर सिस्टम क्वांट स्टैडियो 7 फ्लेक्स सिस्टम विथ एंसिलरीज मशीन वर्तमान में उपलब्ध सबसे उन्नत मशीनों में से एक है और प्रति दिन लगभग 1000 परीक्षण कर सकती है। मशीन की लागत लगभग 65 लाख रुपये है।

उन्होंने बताया कि यह मशीन सरकार को जल्दी और सटीक रूप से रोगियों का परीक्षण करने और संक्रामक वायरस के प्रसार को रोकने में मदद करेगा।

सिंह ने बताया कि मशीन प्रदेश सरकार को उपलब्ध करा दी गयी है और इसे कोरोना वायरस की जांच के लिए भोपाल के गांधी मेडीकल कॉलेज में स्थापित किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि इससे कोरोना की जांच में तेजी जायेगी और नमूनों की जांच लंबित नहीं होगी इससे कोरोना प्रभावित मरीजों का उपचार जल्द शुरु हो सकेगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 05:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).