देश की खबरें | कोरोना वायरस संक्रमण: छत्तीसगढ़ में निषेधाज्ञा लगाने के लिए जिलाधिकारी अधिकृत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की तात्कालिक स्थिति को देखते हुए रोकथाम और नियंत्रण के लिए सरकार ने जिलाधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगाने के लिए अधिकृत किया है। यह आदेश शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के बाद जारी किया गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की तात्कालिक स्थिति को देखते हुए रोकथाम और नियंत्रण के लिए सरकार ने जिलाधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगाने के लिए अधिकृत किया है। यह आदेश शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के बाद जारी किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिलाधिकारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार महामारी एक्ट तथा धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर सकेंगे। यह निषेधाज्ञा बड़े शहरी क्षेत्रों के लिए होगी। ग्रामीण क्षेत्र इससे मुक्त रहेंगे। यह निर्णय जिलाधिकारियों विवेक पर छोड़ा गया है कि वे कब और किस शहरी क्षेत्र में इसे लागू करेंगे।

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यह निषेधाज्ञा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कुछ वार्डों में अथवा आधे शहर में या पूरे शहर में भी लागू की जा सकती है। बैठक में निर्देश दिया गया है कि निषिद्ध क्षेत्रों के संबंध में जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में निर्देश दिए गए है कि निषेधाज्ञा का आदेश लागू करने के पहले तीन दिन पूर्व नोटिस दिया जाए। इस जानकारी को स्थानीय मीडिया में प्रसारित किया जाए। इसके बाद ही इसे अमल में लाया जाए। इससे आम जनता को आवश्यक वस्तुओं को खरीदने का पर्याप्त समय मिल सके और वे अनावश्यक घबराहट में वस्तुओं का संग्रहण करने से बचें।

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अधिकारियों ने बताया कि बैठक के बाद निर्देश दिए गए कि निषेधाज्ञा का कोई भी ऐसा आदेश सात दिन का हो और परिस्थितियों को देखकर इसे आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है। निषेधाज्ञा के दौरान स्वास्थ्य, पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, फायर ब्रिगेड आदि बुनियादी सेवाएं पूर्व की तरह कार्य करते रहेंगे। इस अवधि के दौरान शासकीय कार्यालय एक तिहाई कर्मियों के साथ कार्य करेंगे।

निषेधाज्ञा के दौरान कारखाने या निर्माण इकाईयों को शर्तों के साथ काम करने की अनुमति होगी। इन शर्तों में कामगारों को नियंत्रित वातावरण में रखना, कामगारों के परिवहन की व्यवस्था करना और कोविड-19 संक्रमित होने की स्थिति में उनके उपचार और अस्पताल का खर्च उठाना शामिल है। पेट्रोल पंप, अस्पताल, क्लीनिक, पशु चिकित्सा सेवाएं, दवाई दुकान, दूध और इससे संबंधित उत्पाद, सब्जी दुकान पहले की तरह नियत समयानुसार खुले रहेंगे। इन्हें खुला रखने के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। कृषि उपज मंडी पूर्व की तरह कार्य करती रहेगी।

उन्होंने बताया कि निषेधाज्ञा वाले क्षेत्रों में केवल वाणिज्यिक परिवहन की अनुमति होगी। यह अनुमति केवल रात्रि में होगी। मास्क पहनना और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना हर परिस्थिति में अनिवार्य होगा, जो इसका पालन नहीं करेगा उस पर जुर्माना किया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव समेत भूपेश बघेल मंत्रिमंडल के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। राज्य में 122 विकासखंड को रेड जोन घोषित किया गया है। वहीं 32 विकासखंड आरेज जोन में हैं।

राज्य में शनिवार तक कोरोना वायरस संक्रमण के 5246 मामले दर्ज किए गए हैं। जिनमें से 1564 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। राज्य के रायपुर जिले में ही 1127 मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य में पिछले एक माह के दौरान तीन हजार से अधिक लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है।

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