देश की खबरें | कोरोना : गृह मंत्री द्वारा गठित समिति ने आइसोलेशन बेड व अन्य शुल्कों की सिफारिश की
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नयी दिल्ली, 19 जून केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय समिति ने दिल्ली के किसी भी अस्पताल में कोविड-19 पृथक-वास (आइसोलेशन) बेड का शुल्क 8,000 रुपये से 10,000 रुपये तथा वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड का शुल्क 15,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रतिदिन तय करने की सिफारिश की है।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल की अध्यक्षता में समिति का गठन रविवार को किया गया था। समिति का गठन निजी अस्पतालों में 60 प्रतिशत बेड कम दरों पर उपलब्ध कराने और कोरोना वायरस परीक्षण और इलाज की दर तय करने के लिए किया गया था।
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि समिति ने सभी अस्पतालों के लिए आइसोलेशन बेड, बिना आईसीयू वाले वेंटिलेटर और आईसीयू के साथ वेंटिलेटर का शुल्क क्रमश: 8000-10000 रुपये, 13000-15000 रुपये और 15000-18000 रुपये की सिफारिश की है। इनमें पीपीई की लागत शामिल है। मौजूदा दरें क्रमश: 24000-25000 रुपये, 34000-43000 रुपये और 44000-54000 रुपये हैं। इनमें निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) लागत शामिल नहीं है।
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प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी को राहत देने के लिए तथा निजी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड तथा वेंटिलेटर के शुल्कों की सीमा निर्धारित करने के लिए गृह मंत्री ने समिति का गठन किया था।
दिल्ली में कोविड-19 स्थिति को लेकर पिछले कुछ दिनों की गृह मंत्री की अध्यक्षता में कई बैठकें हुयीं जिनमें उन्होंने कई निर्देश दिए। उन निर्देशों के अनुसार दिल्ली के 242 निषिद्ध क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण बृहस्पतिवार को पूरा कर लिया गया और कुल 2.3 लाख लोगों का सर्वेक्षण किया गया।
शाह ने दिल्ली में परीक्षण क्षमता बढ़ाने और त्वरित परिणामों का निर्देश दिया था।
प्रवक्ता ने कहा कि 193 परीक्षण केंद्रों में कुल 7,040 लोगों की जांच की गयी है और आने वाले दिनों में अधिक संख्या में परीक्षण जारी रहेंगे।
प्रवक्ता ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि विभिन्न बैठकों में गृह मंत्री शाह द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार नमूनों के परीक्षण तुरंत दोगुने कर दिये गये हैं। 15 से 17 जून के बीच दिल्ली में 27,263 नमूने एकत्र किए गए। पहले यह संख्या रोजाना 4,000-4,500 के बीच होती थी।
कोरोना वायरस से निपटने को लेकर दिल्ली सरकार की आलोचना के बाद गृह मंत्री ने रविवार को मोर्चा संभाला।
गृह मंत्री ने दिल्ली में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए पिछले पांच दिनों में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं।
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