विदेश की खबरें | सीओपी28: यूएई और आईईए ने कार्बन कटौती संबंधी पहलों पर प्रकाश डाला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सीओपी 28 की अध्यक्षता कर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आयोग (आईईए) ने शुक्रवार को कार्बन उत्सर्जन घटाने को लेकर उन पहल पर प्रकाश डाला जो विश्व को 1.5° डिग्री सेल्सियस का लक्ष्य पहुंच के भीतर रखने के लिहाज से सुसंगत ऊर्जा प्रणाली की राह का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दुबई, एक दिसंबर सीओपी 28 की अध्यक्षता कर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आयोग (आईईए) ने शुक्रवार को कार्बन उत्सर्जन घटाने को लेकर उन पहल पर प्रकाश डाला जो विश्व को 1.5° डिग्री सेल्सियस का लक्ष्य पहुंच के भीतर रखने के लिहाज से सुसंगत ऊर्जा प्रणाली की राह का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।

ये पहल संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी 28) के तहत आयोजित उच्च-स्तरीय वार्ता शृंखला के सारांश का हिस्सा हैं। सीओपी 28 अध्यक्ष सुल्तान अल जाबेर और आईईए के कार्यकारी निदेशक फतीह बिरोल की सहअध्यक्षता में वार्ता श्रृंखला आयोजित की गईं।

इस सारांश में ऊर्जा प्रणाली के रूपांतरण (ट्रांजिशन ऑफ एनर्जी) में तेजी लाने और 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य को पहुंच के भीतर बनाए रखने के लिए कार्रवाई का आह्वान किया गया है। 40 से अधिक देशों और 20 संगठनों के मंत्रियों, नीति निर्माताओं और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने वार्ताओं में भाग लिया जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, वित्तपोषण, जीवाश्म ईंधन की मांग और आपूर्ति और कार्बन उत्सर्जन में कटौती (डीकार्बोनाइजेशन) सहित ऊर्जा प्रणाली के रूपांतरण से जुड़े अन्य प्रमुख तत्वों पर चर्चा की गई है।

जाबेर ने कहा, ‘‘इन उच्च-स्तरीय वार्ताओं के माध्यम से हमने कार्बन उत्सर्जन में कटौती की पहलों का सबसे व्यापक समूह बनाने के लिए जलवायु कार्रवाई के महत्वपूर्ण अवसरों और कठिन अंतरों को परिभाषित किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वार्ताओं का सारांश ‘ग्लोबल स्टॉकटेक’ के प्रति देशों को महत्वाकांक्षी प्रतिक्रिया तय करने के लिए आधार तैयार करता है, जो हमें 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य को पहुंच के भीतर रखने के अनुरूप ऊर्जा प्रणाली के मार्ग पर ले जाता है।’’

‘ग्लोबल स्टॉकटेक’ से आशय जलवायु कार्रवाई के मोर्चे पर दुनियाभर के देशों की प्रगति का आकलन करना है।

सीओपी 28 का पांचवां और अंतिम सत्र और आईईए की उच्च स्तरीय वार्ताएं विश्व जलुवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन (डब्ल्यूसीएएस) में होंगी जिसकी शुरुआत शुक्रवार से हुई है। यह शिखर सम्मेलन दुबई में आयोजित सीओपी 28 का हिस्सा है।

वार्ता में भाग लेने वाले मोटे तौर पर 2030 तक वैश्विक स्तर पर स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 11,000 गीगावॉट करने और उसी समय सीमा में ‘वार्षिक ऊर्जा दक्षता सुधार’ को दोगुना करने के लक्ष्य पर सहमत हुए हैं।

सारांश में कहा गया है कि जीवश्म ईंधन की आपूर्ति और मांग में इस दशक में चरणबद्ध कटौती करनी चाहिए ताकि 1.5 डिग्री सेल्सिय के लक्ष्य को पहुंच के भीतर रखा जा सके। इसमें जीवाश्म ईंधन पर आधारित उद्योगों से आह्वान किया गया है कि वे नवीकरणीय ऊर्जा और कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकल्पों में निवेश करने के साथ-साथ मौजूदा संचालन से उत्पन्न होने वाले कार्बन में कटौती करें।

सारांश के मुताबिक, इस बात पर मजबूत सहमति बनी है कि ‘जलवायु वित्त’ और स्वच्छ पर्यावरण के लिए किये जाने वाले निवेश को काफी बढ़ाने की आवश्यकता होगी, आईईए का अनुमान है कि 2030 के दशक की शुरुआत तक सालाना 4.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता होगी।

सारांश के मुताबिक, दुनियाभर में 76 करोड़ लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं है और 2.3 अरब लोगों की खाना पकाने की आधुनिक सुविधाओं तक पहुंच नहीं है। वार्ता के प्रतिभागियों ने ऊर्जा प्रणाली के रूपांतरण के न्यायपूर्ण और व्यवस्थित होने की अहमियत पर भी जोर दिया।

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