देश की खबरें | अफगानिस्तान से आये अल्पसंख्यकों के स्थायी रूप से बसने के अनुरोध पर सहयोग किया जाएगा: विदेश मंत्रालय
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नयी दिल्ली, 30 जुलाई विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस सप्ताह के प्रारंभ में अफगानिस्तान से आये सिखों और हिंदुओं के यहां स्थायी रूप से बसने के अनुरोध की जांच की जाएगी और नियमों एवं नीतियों के अनुसार उन्हें सहयोग किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि जो लौटे हैं , उनके अलावा मंत्रालय उन लोगों के भी संपर्क में है जो अफगानिस्तान से लौटना चाहेंगे और उनकी वापसी में सहयोग किया जाएगा।
पहले अगवा हो चुके और बाद में छोड़ दिये गये सिख समुदाय के एक नेता समेत अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय के 11 सदस्य रविवार को भारत पहुंचे। भारत ने उन्हें वीजा दिया था और उनके आने में सहयोग किया था।
पिछले महीने अफगानिस्तान के पकटिया प्रांत में सिख नेता निदान सिंह सचदेवा का अपहरण कर लिया गया था और बाद में उन्हें 18 जुलाई को मुक्त कर दिया गया था।
जब श्रीवास्तव से पूछा गया कि क्या अफगानिस्तान से लौटे अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी तो उन्होंने कहा,‘‘ पिछले सप्ताह मैंने कहा था कि हाल ही में अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर किस तरह हमले तेज हो गये हैं। मैंने यह भी बताया था कि कैसे बाहरी समर्थकों के इशारे पर आतंकवादियों ने ऐसा किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ काबुल में हमारे मिशन ने कोविड-19 स्थिति के बावजूद पहले समूह की वापसी के लिए वीजा में सहयोग किया और यह समूह पहुंचा।’’
उन्होंने कहा कि स्थायी रूप से बसने के उनके कारण को परखा जाएगा और मौजूदा नियमों एवं नीतियों के अनुसार सहयोग किया जाएगा।
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