ताजा खबरें | राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह में खड़गे की सीट को लेकर विवाद, गोयल ने विपक्ष के आरोप को खारिज किया
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने सोमवार को कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के इस दावे का खंडन किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में उच्च सदन के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ऐसी सीट पर बैठाया गया जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी।
नयी दिल्ली, 25 जुलाई राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने सोमवार को कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के इस दावे का खंडन किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में उच्च सदन के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ऐसी सीट पर बैठाया गया जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी।
गोयल ने उच्च सदन में कहा कि कांग्रेस के एक नेता और इस सदन के सदस्य ने बेबुनियाद ट्वीट कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदस्य ने आरोप लगाया है कि आज सुबह राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में नेता प्रतिपक्ष (खड़गे) को सही स्थान नहीं दिया गया।
गोयल ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में लोगों के बैठने की व्यवस्था गृह मंत्रालय के ‘प्रोटोकॉल’ के तहत की गई थी। उन्होंने कहा कि ‘प्रोटोकॉल’ के तहत नेता प्रतिपक्ष सातवीं कड़ी में आते हैं और उसके हिसाब से उनकी सीट तीसरी पंक्ति में होती। लेकिन उन्हें अगली पंक्ति में सीट मिली थी जिसे देखकर उन्हें खुशी हुई।
उन्होंने कहा कि खड़गे ने किनारे की सीट होने पर आपत्ति जतायी और स्टाफ ने उनसे हाथ जोड़कर बीच में आने का अनुरोध किया लेकिन खड़गे ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया। गोयल ने कहा कि यह वाकया उनकी आंखों के सामने हुआ।
गोयल ने कहा, ‘‘...यह विपक्ष की मानसिकता को दिखाता है।’’ उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए गलत आरोप लगाते हैं और सदन को नहीं चलने देना चाहते।
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले, शनिवार को सदन का एक कार्यक्रम संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित किया गया था जिसमें नेता प्रतिपक्ष को प्रधानमंत्री के पास एक ही बेंच पर सीट दी गयी थी। उन्होंने कहा कि उस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष को एक साथ सीट दी गयी थी, लेकिन नेता प्रतिपक्ष उस कार्यक्रम में नहीं आए।
गोयल ने यह टिप्पणी उस समय की जब विपक्षी सदस्य महंगाई एवं कुछ आवश्यक वस्तुओं पर माल और सेवा कर (जीएसटी) लगाए जाने के मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने दावा किया था कि राष्ट्रपति मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में खड़गे को ऐसी सीट पर बैठाया गया जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी। विपक्षी सदस्यों ने राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर यह दावा भी किया कि एक वरिष्ठ नेता का जानबूझकर अनादर किया गया है।
कांग्रेस महासचिव व राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने ट्विटर पर यह पत्र साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने नायडू को पत्र लिखा है।
पत्र में इन दलों ने कहा, ‘‘आज राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे को ऐसी सीट पर बैठाया गया जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी।’’
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