विदेश की खबरें | संयुक्त राष्ट्र जलवायु रिपोर्ट पर जारी बातचीत बेनतीजा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. (फ्रैंक जॉर्डन)
(फ्रैंक जॉर्डन)
बर्लिन, तीन अप्रैल (एपी) संयुक्त राष्ट्र की अहम जलवायु रिपोर्ट को लेकर वैज्ञानिकों और सरकारों के बीच जारी बातचीत रविवार को किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बड़ी उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि विकास करने के उनके अधिकार को मान्यता मिलनी चाहिये।
संयुक्त राष्ट्र समर्थित संस्था इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) की रिपोर्ट का मकसद उस रास्ते को दिखाना है, जिसका अनुसरण करके वैश्विक तापमान को उस सीमा के भीतर रखा जा सकता है, जिसको लेकर वर्ष 2015 के पेरिस समझौते में सहमति बनी थी।
इस समझौते का मकसद वैश्विक तापमान की वृद्धि को इस सदी तक डेढ़ डिग्री सेल्सियस (2.7 फारेनहाइट) तक सीमित रखना है। हालांकि, हमारे वायुमंडल का तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर के मुकाबले पहले ही 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक हो चुका है।
कई पर्यवेक्षकों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर ‘‘द एसोसिएटेड प्रेस’’ को बताया कि रिपोर्ट प्रकाशित करने में केवल 24 घंटे बचे हैं, लेकिन बातचीत निर्णायक बिंदु तक पहुंचने से अब भी बहुत दूर है।
एक शीर्ष जलवायु वैज्ञानिक ने कहा कि करीब 70 फीसदी विषय वस्तु पर अब तक सहमति बन चुकी है और अब भी उम्मीद है कि रविवार को वार्ता पूरी हो सकती है।
भारत उन देशों में शामिल है, जो इस रिपोर्ट में इस बात को मान्यता दिलाने को लेकर मुखर रहे हैं कि वातावरण में पहले से मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड और इसके उत्सर्जन में औद्योगिक देशों की तुलना में विकासशील देशों का योगदान बहुत कम है।
भारत ने साफ कहा है कि विकासशील देशों को एक समान कटौती करने की आवश्यकता नहीं है। भारत, जो ऊर्जा के लिये कोयले पर बहुत अधिक निर्भर है, यह भी चाहता है कि गरीब देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने और कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था अपनाने के लिए पर्याप्त रूप से अधिक वित्तीय सहायता मिले। सऊदी अरब ने कहा कि जीवश्म ईंधन की जरूरत अभी दशकों तक पड़ेगी और इससे बहुत जल्दी छुटकारा पाने के कदम उठाने से दुनिया के सबसे गरीब देशों पर विपरीत असर पड़ेगा।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)