कोरोना को परास्त करने के लिये देशवासी लॉकडाउन का पालन करना जारी रखें: उपराष्ट्रपति

नायडू ने बृहस्पतिवार को लॉकडाउन के 30 दिन पूरे होने पर कहा, ‘‘इस आपदा से मुक्ति के लिए, देशवासियों द्वारा दिखाए गए साहस और धैर्य पूर्वक कठिनाइयों को सहन करने के जज्बे को नमन करता हूं।’’

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नयी दिल्ली, 23 अप्रैल उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिये लागू किये गये देशव्यापी बंद (लॉकडाउन) का पिछले एक महीने से किये जा रहे पालन की सराहना करते हुये देशवासियों से कोरोना को पूरी तरह परास्त करने के लिये इसके पालन को जारी रखने की अपील की है।

नायडू ने बृहस्पतिवार को लॉकडाउन के 30 दिन पूरे होने पर कहा, ‘‘इस आपदा से मुक्ति के लिए, देशवासियों द्वारा दिखाए गए साहस और धैर्य पूर्वक कठिनाइयों को सहन करने के जज्बे को नमन करता हूं।’’

नायडू ने ट्वीट कर कहा, ‘‘इस दौरान एक राष्ट्र के रूप में हम सब कठिन संघर्ष का सामना कर रहे है । हमने कठिनाईयों को पार किया है और अपने रोजमर्रा के जीवन में आये व्यवधानों के भी साक्षी रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि पूरे देश में दिखाई दे रही संकल्प और प्रयासों की अभिनंदनीय एकता भविष्य के प्रति आशान्वित करती है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज जब केंद्र और राज्य सरकारें जीवन तथा आजीविका की रक्षा की दोहरी चुनौती के समाधान और कठिनाइयों को दूर करने के लिए सुविचारित कदम उठा रहीं हैं, हम सबसे अपेक्षित है कि हम कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने और स्वच्छता जैसी प्रतिकारात्मक सावधानियां बरतें।

उन्होंने सामुदायिक आयोजनों से बचने की अपील करते हुये कहा, ‘‘आइए हम अपनी यह एकता बनाए रखें और जब तक इस अभियान में विजय प्राप्त नहीं कर लेते तब तक अपने प्रयासों में एकनिष्ठ रहें।’’

इस बीच उपराष्ट्रपति ने गुजरात में आंध्र प्रदेश के लगभग पांच हजार मछुआरों के फंसे होने के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से फोन पर बात की।

उपराष्ट्रपति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नायडू ने शाह और रूपाणी को गुजरात के वेरावल और दो अन्य स्थानों पर मौजूद मछुआरों को लॉकडाउन के दौरान हो रही परेशानियों से अवगत कराते हुये उन्हें राज्य सरकार द्वारा दी गयी सुविधाओं की जानकारी ली। इस मुद्दे पर उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से भी टेलीफोन पर बात की।

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