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राज्य शराब की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी के विकल्प पर विचार करें: न्यायालय

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने शराब की बिक्री की अनुमति देने के गृह मंत्रालय के एक मई के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान राज्यों को यह निर्देश दिया।

राज्य शराब की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी के विकल्प पर विचार करें: न्यायालय
जमात

नयी दिल्ली, आठ मई उच्चतम न्यायालय ने शराब खरीदने के लिये दुकानों पर लग रही भारी भीड़ की वजह से कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने की आशंका को रोकने के इरादे से शुक्रवार को राज्यों से कहा कि वे लॉकडाउन के दौरान इसकी ऑन लाइन बिक्री और होम डिलीवरी करने की संभावना पर विचार करें।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने शराब की बिक्री की अनुमति देने के गृह मंत्रालय के एक मई के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान राज्यों को यह निर्देश दिया।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘हम अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर विचार के इच्छुक नहीं है। याचिका खारिज की जाती है। हालांकि, संबंधित राज्य सरकार चाहें तो सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिये सीधे संपर्क में आये बगैर ही शराब की ऑनलाइन बिक्री और इसकी होम डिलीवरी जैसे उपायों पर विचार कर सकती हैं।’’

पीठ ने इसके साथ ही शराब बिक्री से संबंधित दिशा निर्देशों के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी।

याचिकाकर्ता गुरूस्वामी नटराज के वकील साई दीपक ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि देश में 70, 000 से ज्यादा शराब की दुकानें है और पांच करोड़ से ज्यादा लोगों ने अभी तक इन दुकानों से शराब खरीदी है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान शराब की दुकानों पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया गया जिसकी वजह से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुयी है। उन्होने कहा कि सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियमों का पालन नहीं होने की वजह से एक महीने के लॉकडाउन की उपलब्धियां व्यर्थ होने लगी हैं।

दीपक ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून के तहत देश को कोविड-19 महामारी से मुक्त घोषित किये जाने तक की अवधि के लिये गृह मंत्रालय को शराब की दुकानों पर इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर इसकी ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी के निर्देश जारी करने चाहिए।

इस पर पीठ ने कहा कि शराब की ऑन लाइन बिक्री और इसकी होम डिलीवरी के बारे मे चर्चा चल रही है।

दीपक ने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहते हैं कि शराब की सीधे बिक्री होने की वजह से आम आदमी की जिंदगी प्रभावित नहीं होनी चाहिए और इसलिए गृह मंत्रालय को इस बारे में राज्यों को स्पष्टीकरण के साथ दिशानिर्देश देने चाहिए।

इस पर पीठ ने कहा कि शराब की ऑन लाइन बिक्री और होम डिलीवरी जैसे विकल्पों पर सरकार विचार कर सकती है।

गृह मंत्रालय ने एक मई को नये दिशा निर्देश जारी करते हुये कुछ मामलों में लॉकडाउन में ढील दी थी और इस प्रक्रिया में उसने कोविड-19 के संक्रमण की गंभीरता के आधार पर जिलों को ‘ग्रीन’ , ‘आरेंज’ और ‘रेड’ जोन में रखा था।

याचिका में सीधे संपर्क में आये बगैर ही शराब की बिक्री की अनुमति देने के लिये उचित दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश केन्द्र को देने का अनुरोध किया गया था।

नये दिशा निर्देशों में शराब, पान, तंबाकू और पानी की बिक्री की अनुमति दी गयी थी लेकिन इसके लिये न्यूनतम छह फुट की दूरी बनाये रखना अनिवार्य था। हालांकि, लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक रूप से शराब का सेवन या पान, गुटखा और तंबाकू खाना प्रतिबंधित है।

अनूप

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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2020 08:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).