देश की खबरें | अफगानिस्तान की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण किया जाए : यूनेस्को
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नयी दिल्ली, 19 अगस्त यूनेस्को ने बृहस्पतिवार को अपील की कि अफगानिस्तान की सांस्कृतिक विरासत का उसकी विविधता के साथ संरक्षण किया जाना चाहिए और देश की ऐतिहासिक संपत्ति की ‘‘क्षति और लूट’’ से रक्षा के लिए तमाम एहतियात बरते जाने चाहिए।
यूनेस्को ने देश पर तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां तेजी से बदलते हालात के मद्देनजर यह अपील की है।
यूनेस्को ने एक बयान में 2001 में विश्व विरासत स्थल में शामिल अफगानिस्तान की बामियान घाटी में भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की घटना की भी याद दिलायी। उस घटना के करीब 20 साल बाद देश में तेजी से बदलते घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में यूनेस्को महानिदेशक आंद्रे अजोले ने अफगानिस्तान में सांस्कृति विरासत के संरक्षण की अपील की है।
उन्होंने यूनेस्को का बयान साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘हम पूरी विविधता के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करते हुए अफगानिस्तान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सांस्कृतिक विरासतों को किसी भी प्रकार की क्षति या लूट से बचाने के लिए जरूरी एहतियात बरतने की अपील करते हैं।’’
युद्ध से जर्जर देश से अमेरिकी सैनिकों की वापसी एक मई से शुरू होने की पृष्ठभूमि में तालिबान ने अफगानिस्तान के लगभग सभी महत्वपूर्ण शहरों और राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया है। रविवार 15 अगस्त को जब तालिबान ने काबुल में प्रवेश किया तो हजारों की संख्या में लोग वहां से बाहर निकलने की बेचैनी में हवाईअड्डे का रूख करते दिखे।
हालांकि, तालिबान ने 1990 की दशक के मुकाबले इस बार खुद को ज्यादा आधुनिक दिखाने का प्रयास किया है। लेकिन बड़ी संख्या में अफगान डरे हुए हैं और उन्हें उसी पुराने क्रूर शासन की वापसी का डर सता रहा है।
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