कोटा/जयपुर, 23 अगस्त राजस्थान में लगातार बारिश के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ने से कोटा संभाग के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं जबकि झालावाड़ और धौलपुर जिले में बचाव कार्यों के लिए सेना को बुलाया गया है ।
बारां और झालावाड़ जिले में बचाव अभियान चलाने के लिए भारतीय वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर को बुलाया जा रहा है। संभाग में विभिन्न जगह जलभराव के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
संभाग के चार जिलों - कोटा, बारां, झालावाड़ और बूंदी में स्कूल बंद हैं।
आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव आशुतोष पेडनेकर ने बताया कि धौलपुर और झालावाड़ जिले में राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि बारां और झालावाड़ में फंसे कुछ लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए हेलीकॉप्टर मुहैया कराया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि चंबल, परवन, पार्वती, कालीसिंध जैसी नदियों में बाढ़ आ गई है और बांधों से अतिरिक्त पानी उनके गेट खोलकर छोड़ा जा रहा है। लगातार बारिश, नदियों में उफान व अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से कोटा, बारां, झालावाड़, बूंदी, धौलपुर, करौली के इलाकों में जलभराव हो गया है। झालावाड़, बारां और धौलपुर में हालात सबसे खराब है।
इन जिलों के अलावा उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिले के कई इलाके भी जलभराव के कारण परेशानी का सामना कर रहे हैं।
बारां के जिला कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि दो स्थानों से करीब 15 लोगों को 'एयरलिफ्ट' किया जाना है और कुछ समय बाद हेलीकॉप्टर आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) व राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने तीन स्थानों से 81 लोगों को बचाया है।
झालावाड़ में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा बचाव कार्य में सेना भी लगी हुई है। झालावाड़ की जिला कलेक्टर भारती दीक्षित ने कहा कि 53 लोगों को नावों के जरिए बचाया गया है और 49 लोग फंसे हुए हैं। एक जगह से लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला जाना है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि धौलपुर और करौली जिले में भी अनेक जगह जलभराव की समस्या है। उन्होंने बताया कि धौलपुर में बचाव व राहत कार्य में सेना को लगाया गया है और चंबल नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए करौली के कई गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि खाने-पीने की भी व्यवस्था की गई है और प्रभावित जिलों के कई गांव ऐसे हैं जो जिला मुख्यालय से कटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि नदियों के जलग्रहण क्षेत्र के पास के कुछ गांव द्वीपों में बदल गए हैं।
भरतपुर के संभागीय आयुक्त सावंरमल वर्मा ने कहा कि धौलपुर में प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कोटा संभाग के सभी चार जिलों - कोटा, बारां, झालावाड़ और बूंदी में स्कूल मंगलवार को बंद रहे। बूंदी शहर में में नगर परिषद ने हालात को देखते हुए मंगलवार और बुधवार को होने वाले काजली तीज के कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।
इस बीच, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक बारिश झालावाड़ के डग में 29 सेंटीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा अरनोद (प्रतापगढ़) में 26 सेमी, पिडावा (झालावाड़) में 23 सेमी, बकानी (झालावाड़) में 23 सेमी, पचपहाड़ व गंगधर (झालावाड़) में 17-17 सेमी बारिश हुई। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के कई अन्य इलाकों में 13 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।
मौसम विभाग ने मंगलवार को बांसवाड़ा तथा डूंगरपुर जिलों में भारी से अति भारी बारिश और भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
पृथ्वी कुंज
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