देश की खबरें | प्याज पर 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क वापस लिए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन

पुणे, 23 अगस्त महाराष्ट्र में विपक्षी दल कांग्रेस ने प्याज के निर्यात पर लगाए गए 40 प्रतिशत शुल्क को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को पुणे शहर में विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है।

प्याज की माला पहने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने आंदोलनकारी किसानों और कई कांग्रेस नेताओं के साथ 'रास्ता रोको' अभियान चलाकर प्रदर्शन किया।

नाना पटोले ने कहा, ‘‘ मैं यहां चाकन के बाजार में कई प्याज उत्पादकों और व्यापारियों से मिला। प्याज के निर्यात पर 40 फीसदी शुल्क लगाकर सरकार ने किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। ’’

भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) के माध्यम से प्याज की खरीद के सरकार के आश्वासन के बारे में पूछे जाने पर पटोले ने कहा कि नेफेड की ''स्थिति'' से हर कोई परिचित है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ प्याज एक खराब होने वाली वस्तु है और अगर नेफेड 10 दिन बाद उपज खरीदता है और अगर उपज खराब हो जाती है, तो क्या सरकार मुआवजा देगी? ’’

उन्होंने भाजपा नीत केंद्र की सरकार को 'किसान विरोधी' करार दिया।

पटोले ने कहा कि सरकार अगर किसानों के प्रति वास्तव में संवेदनशील है, तो उसे यह 40 प्रतिशत शुल्क हटाना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर प्याज का निर्यात होगा तो किसानों को कुछ पैसे मिलेंगे। लेकिन केंद्र में भाजपा चाहती है कि किसान पैसा न कमाएं बल्कि कर्ज में डूबे रहें। ’’

लासलगांव में एशिया के सबसे बड़े थोक प्याज बाजार सहित नासिक की अधिकांश कृषि उपज और पशुधन बाजार समिति (एपीएमसी) के बाजारों में प्याज की नीलामी बंद कर दी गई है, क्योंकि व्यापारी प्याज पर निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी के खिलाफ हैं।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा था कि उसने किसानों के हितों की रक्षा के लिए अपने बफर स्टॉक के लिए महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 2,410 रुपये प्रति क्विंटल पर प्याज की खरीद फिर से शुरू कर दी है।

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