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देश की खबरें | कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में चलाया सोशल मीडिया अभियान, कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग दोहराई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए सोमवार को सोशल मीडिया पर अभियान चलाया, जिसके तहत पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा और लोगों से किसानों का साथ देने की अपील की।

देश की खबरें | कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में चलाया सोशल मीडिया अभियान, कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग दोहराई
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 30 नवंबर कांग्रेस ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए सोमवार को सोशल मीडिया पर अभियान चलाया, जिसके तहत पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा और लोगों से किसानों का साथ देने की अपील की।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फिर आग्रह किया कि इन तीनों ‘काले कानूनों’ को निरस्त किया जाए क्योंकि देश के करोड़ों किसान यही चाहते हैं।

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राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के पक्ष में खड़े होने की अपील करते हुए कहा कि यह ‘सत्य एवं असत्य की लड़ाई’, है जिसमें सभी को अन्नदाताओं के साथ होना चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि अगर ये कानून किसानों के हित में हैं तो फिर किसान सड़कों पर क्यों हैं?

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कांग्रेस के ‘स्पीक अप फॉर फार्मर्स’ नामक सोशल मीडिया अभियान के तहत एक वीडियो जारी कर राहुल गांधी ने कहा, ‘‘देश का किसान काले कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ ठंड में अपना घर-खेत छोड़कर दिल्ली तक आ पहुंचा है। सत्य और असत्य की लड़ाई में आप किसके साथ खड़े हैं - अन्नदाता किसान या प्रधानमंत्री के पूंजीपति मित्र के साथ?’’

उन्होंने कहा, ‘‘देशभक्ति देश की शक्ति की रक्षा होती है। देश की शक्ति किसान है। सवाल यह है कि आज किसान सड़कों पर क्यों है? वह सैकड़ों किलोमीटर चलकर दिल्ली की तरफ क्यों आ रहा है? नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि तीन कानून किसानों के हित में हैं। अगर ये कानून किसानों के हित में है तो किसान इतना गुस्सा क्यों है, वह खुश क्यों नहीं है?’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ये कानून मोदी जी के दो-तीन मित्रों के लिए हैं, किसान से चोरी करने के कानून हैं।’’

इस अभियान के तहत ट्वीट के माध्यम से प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘नाम किसान कानून लेकिन सारा फायदा अरबपति मित्रों का। किसान कानून बिना किसानों से बात किए कैसे बन सकते हैं? उनमें किसानों के हितों की अनदेखी कैसे की जा सकती है? सरकार को किसानों की बात सुननी होगी। आइए मिलकर किसानों के समर्थन में आवाज उठाएं।’’

कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला ने दावा किया, ‘‘काशी की पवित्र धरती पर जाकर जब देश के प्रधानमंत्री झूठ बोलकर देश को किसान की हालत के बारे में बरगलाएं तो इससे पीड़ादायक बात कुछ नहीं हो सकती।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘मोदी जी, आप खेती विरोधी तीन काले कानून कब खत्म करेंगे? तीन काले कानून संसद में जबरदस्ती क्यों पारित करवाए थे? न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म करने का षड़यंत्र क्यों किया जा रहा है? 25 लाख करोड़ रुपए का खेती का कारोबार आप मुट्ठी भर उद्योगपतियों को क्यों देना चाहते हैं? अनाज मंडियों को क्यों खत्म किया जा रहा है?

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने यह आरोप भी लगाया कि 2014 के बाद से मौजूदा सरकार ने एक के बाद एक कई ‘किसान एवं कृषि विरोधी’ फैसले किए हैं।

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, सच्चाई का सामना कीजिए, किसान के साथ न्याय कीजिए, काले कानून खत्म करिए, वरना गद्दी छोड़ दीजिए। यही देश का किसान कहता है।’’

भारतीय युवा कांग्रेस के मुताबिक, संगठन अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी और कई अन्य कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में टीकरी सीमा पर प्रदर्शकारी किसानों के बीच दूध और खाने-पीने की अन्य सामग्री वितरित की।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन सोमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने आज राष्ट्रीय राजधानी को जाने वाले पांच मार्गों को जाम करने की चेतावनी दी। इन किसानों की मांग कृषि कानूनों को वापस लेने की है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2020 07:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).