‘भ्रष्टाचार’, ‘कमीशन’, ‘सांप्रदायिकता’ और ‘अपराधीकरण’ पर चलती है कांग्रेस: अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस पर 4-सी यानी ‘करप्शन’ (भ्रष्टाचार), ‘कमीशन’, ‘कम्युनलिज्म’ (सांप्रदायिकता) और ‘क्रिमिनलाइजेशन’ (अपराधीकरण) पर चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने प्रख्यात न्यायविद एवं समाज सुधारक बाबासाहेब आंबेडकर का भी अपमान किया.
शिवपुरी/ श्योपुर/ ग्वालियर, 5 नवंबर : केंद्रीय गृहमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को कांग्रेस पर 4-सी यानी ‘करप्शन’ (भ्रष्टाचार), ‘कमीशन’, ‘कम्युनलिज्म’ (सांप्रदायिकता) और ‘क्रिमिनलाइजेशन’ (अपराधीकरण) पर चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने प्रख्यात न्यायविद एवं समाज सुधारक बाबासाहेब आंबेडकर का भी अपमान किया. शाह ने कहा कि कांग्रेस "विकास विरोधी" पार्टी है जो मध्य प्रदेश में सत्ता में आने पर कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देगी. शाह ने कहा कि कांग्रेस ने प्रख्यात न्यायविद और समाज सुधारक बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान किया था और उन्हें कभी भी भारत रत्न नहीं दिया. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि यह राहुल गांधी जैसे नेताओं को करारा जवाब है जो यह कहकर भारतीय जनता पार्टी का मजाक उड़ाते थे कि ‘‘मंदिर वहीं बनायेंगे लेकिन तिथि नहीं बतायेंगे.’’ शाह ने दिन के दौरान राज्य में शिवपुरी में दो और श्योपुर और ग्वालियर में एक-एक रैलियों को संबोधित किया, जहां 17 नवंबर को चुनाव होंगे. शाह ने कहा, ‘‘ कांग्रेस 4-सी का पालन करती है, यानी ‘करप्शन’ (भ्रष्टाचार), ‘कमीशन’, ‘कम्युनलिज्म’ (सांप्रदायिकता) और ‘क्रिमिनलाइजेशन’ (अपराधीकरण). कांग्रेस ने बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान किया लेकिन उनकी तस्वीर लेकर घूमती है.’’
उन्होंने दावा किया, ''कांग्रेस ने उन्हें भारत रत्न नहीं दिया और हमेशा यह सुनिश्चित करने की साजिश रची कि वह कभी संसद न पहुंचें.'' उन्होंने यह भी दावा किया, ''हमारी सरकार के सत्ता में आने पर हमने बाबासाहेब आंबेडकर को भारत रत्न दिया (1990 में जब वी पी सिंह के नेतृत्व में भाजपा सहित गैर-कांग्रेसी राष्ट्रीय मोर्चा सरकार बनी थी).'' शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश "तीन दिवाली" मनाएगा, जिसमें एक तब होगी जब भाजपा विधानसभा चुनाव जीतेगी और दूसरी जब 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में भव्य राम मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह करोड़ों लोगों की 500 साल पुरानी आकांक्षाओं की पूर्ति होगी. उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने राम मंदिर के निर्माण में बाधा डाली. मैं यहां आपको 22 जनवरी को अयोध्या में मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा आयोजन के लिए आमंत्रित करने आया हूं. जब मैं पार्टी अध्यक्ष था, तो राहुल गांधी हम पर तंज कसते थे कि 'मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे'.’’ शाह ने कहा, ‘‘ अब हम 22 जनवरी की रात 12.30 बजे की तिथि घोषित कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, "राम मंदिर के साथ-साथ, महाकाल लोक (उज्जैन में) और काशी विश्वनाथ गलियारे का निर्माण किया गया है. सोमनाथ मंदिर को सोने से मढ़ा जा रहा है और बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है."
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्र-विरोधी ताकतों का समर्थन किया है और जाकिर नाइक (कट्टरपंथी और आतंक को समर्थन देने के आरोपी इस्लामी उपदेशक) जैसे लोगों को शांति का दूत बताया है, साथ ही हिंदू आध्यात्मिक नेताओं की छवि खराब की है.
शाह ने कहा कि कांग्रेस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे राष्ट्र-विरोधी समूहों का समर्थन किया, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिबंध लगाया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि उरी हमले का बदला लेने के लिए सितंबर 2016 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी. उरी हमले में 19 सैनिकों शहीद हो गए थे.
शाह ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ऐसे हमलों के समय चुप रहती थी, लेकिन मोदी सरकार ने आतंक पर पलटवार करने के लिए हवाई और सर्जिकल स्ट्राइक किए. मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद कमलनाथ मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. शाह ने दावा किया, "और अगर वह (कमलनाथ) मुख्यमंत्री बनते हैं, तो भाजपा सरकार की लाडली बहना योजना (जिसमें महिलाओं को प्रति माह 1,250 रुपये की सहायता मिलती है) और किसानों के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी जाएंगी." उन्होंने कहा कि 2002 में (कांग्रेस के लगभग एक दशक के शासन के बाद) राज्य का बजट 23,000 करोड़ रुपये था, जबकि अब यह 3.18 लाख करोड़ रुपये है. दिसंबर 2018 और मार्च 2020 के बीच के समय, जब कमलनाथ कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के मुख्यमंत्री थे, को छोड़कर भाजपा 2003 से मध्य प्रदेश में सत्ता में है. शाह ने कहा, ''कांग्रेस सरकार विकास विरोधी सरकार है. जब उन्होंने (मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार) 15 महीने तक शासन किया तो उन्होंने कई कल्याणकारी योजनाएं बंद कर दीं.’’
शाह ने कहा, ‘‘उन्होंने सहरिया जनजाति के लिए बनी योजना को बंद कर दिया. उन्होंने आदिवासियों के लिए बनाये गये सिकल सेल एनीमिया मिशन को भी रोक दिया लेकिन भाजपा ने सभी योजनाओं को पुनर्जीवित कर दिया." शाह ने लोगों से कहा, "मध्य प्रदेश को भ्रष्ट कांग्रेस सरकार की नहीं बल्कि गरीबों, दलितों, ओबीसी, युवाओं, एससी, एसटी और महिलाओं के कल्याण के लिए काम करने वाली भाजपा सरकार की जरूरत है. मध्य प्रदेश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार की जरूरत है." शाह ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने मध्य प्रदेश को "बीमारू" राज्य बना दिया था, जबकि भाजपा ने किसानों, दलितों, आदिवासियों, ओबीसी, महिलाओं और युवाओं के लिए काम करके विकास किया. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे तीन दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2023 11:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

