कांग्रेस ने बांद्रा की घटना के लिए रेलवे पर सवाल उठाए, प्रवासियों को भेजने के इंतजाम करने की मांग की

पार्टी महासचिव महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि विभिन्न जगहों पर मौजूद मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाए।

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नयी दिल्ली, 15 अप्रैल कांग्रेस ने मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर भीड़ एकत्र होने की घटना को लेकर बुधवार को रेल विभाग के एक पत्र का हवाला देते हुए उस पर सवाल खड़े किए और यह आरोप भी लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द खराब करना चाहते हैं।

पार्टी महासचिव महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि विभिन्न जगहों पर मौजूद मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाए।

  उन्होंने यह मांग ऐसे समय की है जब लॉकडाउन के बावजूद मंगलवार को मुंबई और सूरत में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर सड़क पर एकत्र हो गए। कहा जा रहा है कि ये लोग अपने घर जाने की मांग कर रहे थे।

  प्रियंका ने ट्वीट किया, ''''आख़िर हर बार हर विपत्ति गरीबों और मजदूरों पर ही क्यों टूटती है? उनकी स्थिति को ध्यान में रखकर फैसले क्यों नहीं लिए जाते? उन्हें भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया जाता है? लॉकडाउन के दौरान रेलवे टिकटों की बुकिंग क्यों जारी थी? विशेष ट्रेनों का इंतजाम क्यों नहीं किया गया?''''

  उन्होंने कहा कि मजदूरों के पैसे खत्म हो रहे हैं, स्टॉक का राशन खत्म हो रहा है, वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, घर जाना चाहते हैं। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए थी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक चव्हाण ने बांद्रा स्टेशन की घटना को लेकर बुधवार को कहा कि  रेल विभाग के एक पत्र के कारण असंमजस की स्थिति पैदा हुई और इस मामले की जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

  उन्होंने पत्र जारी करते हुए यह भी कहा कि वह रेल मंत्री अथवा मंत्रालय को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे हैं, लेकिन इसमें लापरवाही जरूर दिख रही है।

  चव्हाण ने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ''''13 अप्रैल को दक्षिण मध्य रेलवे रेलवे के एक अधिकारी के हस्ताक्षर से पत्र जारी किया गया कि 14 अप्रैल से प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन चलेगी। यह  रेलवे की लापरवाही का ज्वलंत उदाहरण है।''''

   उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये अफवाहें फैलाए जाने का जिक्र किया और कहा कि सामाजिक सौहार्द खराब करने और कोरोना के खिलाफ लड़ाई को बाधित करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

  उनके मुताबिक राज्य सरकार की भूमिका स्पष्ट है। इस मामले की विस्तृत जांच और कार्रवाई होगी।

  चव्हाण ने सवाल किया, ''''सोशल मीडिया में चर्चा हो रही है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगेगा। इसके पीछे कौन है?''''

  महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं राज्य के राजस्व मंत्री बालासाहब थोराट ने कहा कि स्टेशन पर जो भीड़ जमा हुई थी उसमें किसी एक समुदाय के लोग नहीं,बल्कि सभी समुदाय के लोग शामिल थे ।

  उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के करीब 2700 मरीज हैं  इनमें से ज्यादातर शहरी इलाकों में हैं।

 आशोक चव्हाण ने यह  आग्रह किया कि केंद्र सरकार को मुख्यमंत्री राहत कोष को भी सीएसआर के तहत लाना चाहिए ताकि राज्यों को मदद मिल सके।

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