देश की खबरें | एपीएससी घोटाले के आरोपी से उपहार प्राप्त करने पर कांग्रेस सांसद की चुप्पी भ्रष्टाचार का संकेत: हिमंत

गुवाहाटी, तीन मार्च असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को दावा किया कि राज्य प्रशासनिक सेवा भर्ती में ‘‘नकदी के बदले नौकरी’’ घोटाले के मुख्य आरोपी से ‘‘शादी के समय उपहार प्राप्त करने’’ पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की चुप्पी इस मामले में ‘‘प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार का संकेत’’ देती है।

असम विधानसभा में एक सदस्यीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी.के. शर्मा आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार घोटाले के कथित लाभार्थियों में से कुछ अधिकारियों के निलंबन पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को हटवाने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी।

शर्मा ने सदन को बताया, ‘‘रिपोर्ट में कहा गया है कि राकेश कुमार पॉल (मुख्य आरोपी) ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे को उसकी शादी में उपहार के तौर पर आभूषण दिए थे। प्रथम दृष्टया यह भ्रष्टाचार का मामला है जब तक कि इससे इंकार न किया जाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अभी तक इसे इंकार नहीं किया है। इसलिए हम इसे भ्रष्टाचार का मामला मान सकते हैं।’’

विधानसभा में विपक्षी विधायक अबुल कलाम रशीद आलम के निलंबन समेत कई मुद्दो पर काफी हंगामा हुआ।

रिपोर्ट में एक गवाह के बयान के अनुसार पॉल ने गौरव गोगोई को उनके शादी समारोह में महंगे आभूषण उपहार में दिए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने इस बात का नियम बना लिया है कि भ्रष्टाचार में कैसे लिप्त हुआ जाए। राकेश पॉल द्वारा युवाओं के साथ किए गए अन्याय के लिए कांग्रेस की असम इकाई को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। आजादी के बाद से युवाओं के प्रति इस तरह का अन्याय कभी नहीं हुआ। यह उच्चतम स्तर का अपराध है।’’

असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) द्वारा 2013 और 2014 में आयोजित की गई संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के दौरान हुई विसंगतियों की जांच करने वाले आयोग की रिपोर्ट 17 फरवरी को विधानसभा में रखी गई।

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