देश की खबरें | कांग्रेस, इंडिया गुट की प्राथमिकता परिवारों का हित; दलितों की कोई चिंता नहीं : नड्डा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) की प्राथमिकता दलितों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए कोई वास्तविक चिंता करने के बजाय परिवारों के हित को बढ़ावा देना है।

आगरा (उप्र), सात मार्च भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) की प्राथमिकता दलितों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए कोई वास्तविक चिंता करने के बजाय परिवारों के हित को बढ़ावा देना है।

उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत पर शासन करने वाली कांग्रेस दलितों को "वोट पाने का साधन" माना और उनके और दलितों की फिक्र नहीं की।

आगरा में आयोजित 'अनुसूचित जाति महा सम्मेलन' को संबोधित कर रहे नड्डा के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे।

नड्डा ने कहा, "आजादी के बाद से देश में कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही। उन्होंने हमारे अनुसूचित जाति के भाइयों को मानवीय दृष्टिकोण से नहीं देखा। उन्होंने हमेशा उन्हें वोट हासिल करने के साधन के रूप में देखा।"

उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के अपनी सरकार के फैसले की सराहना की और कहा कि इस प्रावधान को हटाने से केंद्र शासित प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों को आरक्षण का लाभ मिलेगा, सरकारी नौकरियां मिलेंगी और परिसीमन के बाद उनके लिए सिम भी आरक्षित होंगी और वह चुनाव भी जीतेंगे।

नड्डा ने इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान से परिवारों की पार्टियों को बचाना है।

नड्डा ने कहा, "यह कांग्रेस पार्टी और आईएनडीआई गठबंधन भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी के अभियान से परिवारों को बचाने के लिए हैं। वे या तो जमानत पर हैं या जेल में हैं।"

भाजपा प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक कई राजनीतिक दलों का नाम लिया और कहा कि वे परिवारों की पार्टियां हैं।

उन्होंने पूछा, "मुझे बताएं कि क्या फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस परिवार की पार्टी है या नहीं, और मुफ्ती मोहम्मद और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी परिवार की पार्टी है या नहीं? पंजाब में, (दिवंगत) प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल की शिरोमणि अकाली दल परिवार की पार्टी है या नहीं?

नड्डा ने कहा, "हरियाणा में चौटाला परिवार की पार्टी परिवार की पार्टी है या नहीं? उत्तर प्रदेश में अखिलेश, डिंपल और (दिवंगत) मुलायम (सिंह यादव) की सपा परिवार की पार्टी है या नहीं? बिहार में, लालू, राबड़ी, मीसा , तेजस्वी और तेज प्रताप की राजद एक परिवार की पार्टी है या नहीं?”

नड्डा ने पूछा कि क्या बंगाल में "बुआ-भतीजा" अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी की टीएमसी परिवार की पार्टी है या नहीं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में केसीआर, केटीआर और कविता की बीआरएस परिवार की पार्टी है या नहीं।

उन्होंने सवाल किया, "तमिलनाडु में, (दिवंगत) करुणानिधि, स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन की डीएमके परिवार की पार्टी है या नहीं? महाराष्ट्र में, शरद पवार और सुप्रिया सुले की एनसीपी (शरद गुट) परिवार की पार्टी है या नहीं?"

नड्डा ने पूछा कि क्या उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की शिवसेना (उद्धव) परिवार की पार्टी है या नहीं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी की पार्टी परिवार की पार्टी है या नहीं?

उन्होंने कहा, "मुझे बताएं कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी जमानत पर बाहर हैं या नहीं? रिवरफ्रंट मामले में अखिलेश के खिलाफ मामला है या नहीं, चारा घोटाला मामले में लालू यादव के खिलाफ मामला है या नहीं और क्या ममता बनर्जी के मंत्री भ्रष्ट हैं या नहीं?"

इससे पहले, अपने संबोधन में नड्डा ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा वाली पार्टी है। उसका मानना ​​है कि जब तक समाज के हाशिये पर मौजूद लोगों को फायदा नहीं होगा तब तक देश का विकास नहीं होगा।

उन्होंने कहा, "हमने कहा था कि देश तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक 'वंचित, पीड़ित, शोषित और दलितों का विकास नहीं किया जाता और उन्हें बराबरी का हक नहीं दिया जाता। यही कारण है कि कांग्रेस ने नहीं, बल्कि भाजपा ने समाज के हाशिये पर मौजूद लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अंत्योदय मिशन चलाया।''

भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नारे हमेशा विभाजनकारी रहे हैं लेकिन भाजपा और भारतीय जनसंघ ने हमेशा सभी को एकजुट करने का प्रयास किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को कांग्रेस ने नजरअंदाज किया और दरकिनार कर दिया। यह कांग्रेस का चरित्र और इतिहास है, जिसने संविधान सभा में बाबासाहेब अंबेडकर की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। इतिहास में लिखा है कि कांग्रेस ने उत्तरी मुंबई में भीमराव अंबेडकर को हराया था।

नड्डा ने कहा कि इतिहास में लिखा है कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकसभा में अंबेडकर की तस्वीर लगाने की जगह नहीं थी। उनके निधन के बाद भी उन्हें भारत रत्न नहीं दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने खुद को तो भारत रत्न दे दिया लेकिन अंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया। जब जनता दल की सरकार बनी और उसे भाजपा का समर्थन प्राप्त था, तब उन्हें भारत रत्न दिया गया।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "मैं यह सब आपके सामने इसलिए बता रहा हूं ताकि आपको याद रहे कि दलित भाई जिन्हें हमेशा कांग्रेस पार्टी ने गुमराह किया है, किसी को उनकी परवाह नहीं रही। अगर किसी ने उनकी परवाह की है तो वह केवल नरेंद्र मोदी हैं।

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