देश की खबरें | कांग्रेस में सच बोलने की आजादी नहीं है: खुशबू सुंदर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस में अपमानित किये जाने का दावा करते हुए दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने मंगलवार को अचरज व्यक्त किया कि जिस पार्टी में ‘सच बोलने की आजादी नहीं है’ वह देश का भला कैसे कर सकती है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, 13 अक्टूबर कांग्रेस में अपमानित किये जाने का दावा करते हुए दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने मंगलवार को अचरज व्यक्त किया कि जिस पार्टी में ‘सच बोलने की आजादी नहीं है’ वह देश का भला कैसे कर सकती है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के एक दिन बाद खुशबू ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब उसी ने ही वस्तु एवं सेवा कर पर पहल की थी लेकिन अब चाहे कर सुधार हो या केंद्र के कृषि कानून, वह बस भगवा पार्टी के विरोध के नाम पर ही उनमें कमियां ढूढ रही है।

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उन्होंने कहा कि वह जब कांग्रेस में थीं तब भी उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और तीन तलाक को खत्म किये जाने का स्वागत किया था।

यहां भाजपा की तमिलनाडु इकाई के मुख्यालय ‘कमलयम’ में अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में अभिनेत्री ने दावा किया, ‘‘ (कांग्रेस में) मेरा अपमान किया जाता था और पार्टी के कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया जाता था।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे अखबार देखने के बाद ही कार्यक्रमों का पता चलता था।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल के बावजूद वह पार्टी छोड़ने तक कांग्रेस के प्रति कटिबद्ध रहीं।

खुशबू सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं। वह कांग्रेस में छह साल तक राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस के छोड़ने और हाल ही में शीर्ष नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले 23 नेताओं को हाशिये पर डाले जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल दागा, ‘‘ जब पार्टी के अंदर सच्चाई बोलने की आजादी नहीं है तब कैसे कोई उम्मीद कर सकता है कि वह देश के लिए भला कर सकती है।’’

हाथरस कांड के मुद्दे पर हाल ही में प्रदर्शन में हिस्सा लेने तथा भाजपा पर हमला करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कह कि वह उस वक्त कांग्रेस में थीं और पार्टी के निर्देशों का पालन कर रही थी।

एक दल से दूसरे दल में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह अब सदैव भाजपा के साथ रहेंगी।

खुशबू 2010 से 2014 तक द्रमुक में थीं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह संगठन से उन्हें (अगले साल विधानसभा) चुनाव में उतारे जाने का उम्मीद नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं यह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर छोड़ती हूं।’’

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