देश की खबरें | कांग्रेस ने अदाणी मामले की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को अदाणी एंटरप्राइजेज के मामले को ‘घोटाला’ करार दिया और कहा कि इसकी उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की देखरेख में जांच या फिर प्रकरण को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाना चाहिए।
नयी दिल्ली, दो फरवरी कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को अदाणी एंटरप्राइजेज के मामले को ‘घोटाला’ करार दिया और कहा कि इसकी उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की देखरेख में जांच या फिर प्रकरण को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाना चाहिए।
मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि सार्वजनिक बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के अदाणी समूह में निवेश तथा निवेशकों के हितों की सुरक्षा को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी फैसला किया है कि वह इस मामले को लेकर आगामी छह फरवरी को जिला स्तर पर भारतीय जीवन बीमा निगम और भारतीय स्टेट बैंक के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम विपक्षी दलों ने मिलकर इस मामले में एक रुख तय किया है। एलआईसी के पैसे की बर्बादी और कई बैंकों का पैसा अडाणी एंटरप्राइजेज में लगा हुआ है। हम किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बना रहे हैं। हमारा सिर्फ यह कहना है कि आम लोगों के पैसे की सुरक्षा होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि इस घोटाले की जांच हो। जेपीसी से इसकी जांच कराई जाए या फिर उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की निगरानी में इसकी जांच हो।’’
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अदाणी समूह पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, ‘‘अदाणी का नैतिक रूप से सही होने की बात कहना वैसे ही है जैसा उनके प्रधान मेंटर द्वारा विनम्रता, सादगी और विशाल हृदयता के सद्गुणों का उपदेश देना। यह ‘एंटायर पॉलिटिकल साइंस’ है।"
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सरकार पर लोगों की बचत की रक्षा करने के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आगामी छह फरवरी को जिला स्तर पर भारतीय जीवन बीमा निगम और भारतीय स्टेट बैंक के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया, ‘‘मोदी जी, बहुत मेहनत करके जो गुब्बारा फुलाया, उसकी हवा निकल गई। सारे नियम कानून ताक पर रखकर मोदी जी ने एक आदमी पाल-पोसकर बड़ा किया। यह मोदी जी और अदाणी जी के बीच का मामला होता तो हमें क्या आपत्ति थी। यह मामला हर भारतवासी की खून-पसीने की कमाई से जुड़ गया है। यह मामला सबकी जेब तक पहुंच गया।’’
खेड़ा का कहना था कि यह उन 45 करोड़ भारतीय नागरिकों के निवेश की सुरक्षा का सवाल है जिन्होंने एलआईसी में पैसा लगाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘अदाणी जी के ‘प्राइम मेंटर’ अब चुप हैं। मोदी कुछ बोल नहीं रहे हैं। मोदी जी आप एलआईसी के 45 करोड़ खाताधारकों के साथ धोखा तो नहीं कर रहे हैं?’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारी तीन मांगें हैं। उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की देखरेख में इस मामले की जांच हो जिसकी रिपोर्ट प्रतिदिन सार्वजनिक की जाए। इस प्रकरण को लेकर जेपीसी का गठन हो। सार्वजनिक बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम के अदाणी समूह में निवेश तथा निवेशकों के हितों की सुरक्षा को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।’’
गौरतलब है कि अदाणी एंटरप्राइजेज ने बुधवार को अपने 20 हजार करोड़ रुपये के अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) को वापस लेने और निवेशकों का पैसा लौटाने की घोषणा की। हालांकि, कंपनी के एफपीओ को मंगलवार को पूर्ण अभिदान मिल गया था। समझा जाता है कि अदाणी एंटरप्राइजेज ने यह कदम अमेरिका की ‘‘शॉर्टसेलिंग’’ कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद उठाया है। हालांकि अदाणी समूह ने रिपोर्ट को निराधार बताया था।
हक
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