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कांग्रेस ने प्रवासी श्रमिकों के रेल किराये का खर्च वहन करने की घोषणा की

उन्होंने यह सवाल भी किया कि जब रेल मंत्रालय ‘पीएम केयर्स’ कोष में 151 करोड़ रुपये का योगदान दे सकता है तो श्रमिकों को बिना किराये के यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकता?

कांग्रेस ने प्रवासी श्रमिकों के रेल किराये का खर्च वहन करने की घोषणा की
जमात

नयी दिल्ली, चार मई कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी श्रमिकों से रेलवे द्वारा कथित तौर पर किराया वसूले जाने को लेकर सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब इन मजदूरों के लौटने पर होने वाला खर्च पार्टी की प्रदेश इकाइयां वहन करेंगी।

उन्होंने यह सवाल भी किया कि जब रेल मंत्रालय ‘पीएम केयर्स’ कोष में 151 करोड़ रुपये का योगदान दे सकता है तो श्रमिकों को बिना किराये के यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकता?

सोनिया की इस घोषणा के बाद पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों से श्रमिकों की मदद के संदर्भ में बात की।

बाद में वेणुगोपाल ने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रदेश कांग्रेस इकाइयां संबंधित राज्य की सरकार और मुख्य सचिवों के साथ बातचीत करेंगी और श्रमिकों के रेल किराये का भुगतान करेंगी।’’

उन्होंने यह दावा भी किया कि रेलवे ने एक परिपत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि श्रमिकों से किराया वसूला जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बयान में कहा, ‘‘1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए। न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन।’’

बाद में उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मुझे और हर साथी को यह देखकर और भी पीड़ा होती है कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार और रेल मंत्रालय घर वापस लौटने के लिए रेल यात्रा का किराया और विशेष शुल्क वसूल रहे हैं।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से नि:शुल्क वापस ला सकते हैं, जब हम गुजरात के एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष में 151 करोड़ रुपये दे सकता है तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को नि:शुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?’’

सोनिया ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने कामगारों की इस नि:शुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने। इसलिए कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे में जरूरी कदम उठाएगी।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘ एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से किराया वसूल रही है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष में 151 करोड़ रुपये का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाइए!’’

पार्टी के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने कहा कि उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटियों से आग्रह किया है कि प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए सभी संभव संसाधन लगाये जाएं।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘पीएम केयर्स’ कोष से श्रमिकों की मदद करनी चाहिए, लेकिन अगर वह तैयार नहीं हैं तो कांग्रेस अपने सीमित संसाधन में ही मदद के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने यह सवाल भी किया कि जब सरकार मेहुल चोकसी, नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे भगोड़े कारोबारियों के 68,000 करोड़ रुपये ‘‘माफ कर सकती है’’ तो फिर प्रवासी श्रमिकों की मदद क्यों नहीं कर सकती?

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(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2020 07:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).