मलप्पुरम/कोझिकोड, 12 जून केरल के मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस तथा भाजपा ने सोने की तस्करी के मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए और प्रदर्शन जारी रखा।
पुलिस ने व्यापक सुरक्षा उपाय किए थे और यह सुनिश्चित किया था कि इन दोनों जिलों में कोई काला मास्क या कपड़े पहनकर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में नहीं पहुंचे लेकिन टीवी चैनलों पर प्रसारित दृश्यों में कुछ स्थानों पर कुछ लोग विजयन के काफिले को उस समय काले झंडे दिखाते नजर आए जब वह एक स्थान से दूसरे स्थान जा रहे थे।
टीवी चैनलों पर प्रसारित दृश्य में यह भी नजर आया कि कोझिकोड में एक कार्यक्रम में जब कुछ आम लोग काला मास्क लगाकर पहुंचे तब पुलिस ने मास्क हटवा दिया और उन्हें पहनने के लिए पीला मास्क दिया।
जब मुख्यमंत्री के लिए इतनी सुरक्षा व्यवस्था करने या काले कपड़े पर रोक लगाने के बारे में पूछा गया तो सत्तारूढ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के संयोजक ई पी जयराजन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ काला मास्क या कमीज पहनने की हठ ही क्यों?’’
उन्होंने कहा, ‘‘ क्या आप अब भी काला मास्क लगा रहे हैं? क्या एक मुख्यमंत्री की उपयुक्त सुरक्षा नहीं होनी चाहिए खासकर तब जब लोग लाठी या तलवार लेकर इधर-उधर घूम रहे हों। ’’
जयराजन ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी को ऐसी व्यापक सुरक्षा की जरूरत नहीं होती थी क्योंकि उन्हें मालूम था कि एलडीएफ हिंसा नहीं करेगा।
दूसरी तरफ, चांडी ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे तब उनके लिए इतनी व्यापक सुरक्षा नहीं थी और उन्हें पथराव का भी सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘‘ लोकतंत्र में लोगों को प्रदर्शन का अधिकार है। लोकतंत्र में यह कहना उपयुक्त नहीं है कि मुख्यमंत्री को काले झंडे या कपड़े या मास्क नहीं दिखाए जा सकते।’’
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीश ने ट्वीट किया, ‘‘ काले परिधान एवं मास्क पर रोक लगा दी गयी है। पदयात्री एवं वाहन रोक दिए जाते हैं। ये सारी चीजें केरल के मुख्यमंत्री की सुरक्षा के नाम पर हो रही हैं। डॉलर, सोने के मामले में नुकसान से डरकर केरल सरकार हासयास्पद ढंग से हरकत कर रही है, नागरिकों को असुविधा में डालने के बजाय आप अदालत क्यों नहीं चले जाते?’’
शनिवार को कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में भाजपा और कांग्रेस ने विजयन को काले झंडे दिखाए थे जहां वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
विपक्ष द्वारा की जा रही इस्तीफे की मांग के बीच विजयन ने कल कोट्टायम में कहा था कि आरोप उन्हें या उनकी सरकार को किसी तरह प्रभावित करने नहीं जा रहे हैं क्योंकि उन्हें राज्य के लोगों का समर्थन एवं विश्वास प्राप्त है।
सुरेश ने इस सप्ताह के शुरू में कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री, उनके परिवार, पूर्व मंत्री के टी जलील और कुछ अन्य शीर्ष नौकरशाहों के विरुद्ध बयान दिया है।
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