भोपाल, 27 दिसंबर विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार को मध्यप्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए आयकर विभाग से इसकी शिकायत की है।
राजपूत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीति प्रेरित बताया और कहा कि कांग्रेस उन्हें बदनाम करने का षडयंत्र कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष के के मिश्रा के नेतृत्व में आयकर विभाग के दफ्तर में राजपूत एवं उनके परिवार के सदस्यों के कथित रुप से बेनामी संपत्ति रखने के खिलाफ शिकायत की एवं प्रामाणिक दस्तावेज़ जमा किए।
मिश्रा ने शिकायत करते हुए कहा कि राजपूत 2020 से अब तक मध्यप्रदेश शासन के मंत्री हैं तथा इस दौरान उन्होंने गैरकानूनी तरीके से अकूत दौलत अर्जित की है । कांग्रेस नेता ने कहा कि इसी अकूल दौलत के जरिए राजपूत ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अपने ससुराल पक्ष के लोगों सहित कई बेनामीदारों के नाम से अचल संपत्ति खरीदी है, जो बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम 1988 के तहत अपराध है।
उन्होंने मांग की कि इन बेनामी संपत्तियों को कुर्क किया जाए तथा राजपूत एवं उनके सहयोगियों पर कारवाई की जाए।
कांग्रेस द्वारा आयकर विभाग में की गई शिकायत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजपूत ने कहा, ‘‘यह जानबूझकर कांग्रेस द्वारा किया गया षडयंत्रकारी और राजनीति से प्रेरित कदम है।’’
उन्होंने कहा कि जो दस्तावेज पहले से ही लोक दस्तावेज होने के कारण आनलाईन उपलब्ध है, उन्हीं दस्तावेजों को आधार बनाकर कांग्रेस असत्य और अनर्गल प्रचार कर रही है।
सुरखी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राजपूत ने कहा कि विपक्ष स्तरहीन राजनीति पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि समय आने पर कांग्रेसियों की इस हरकत पर सुरखी विधानसभा क्षेत्र की जनता करारा जवाब देगी।
राजपूत पिछली कमलनाथ सरकार में भी मंत्री भी रह चुके हैं। वह मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में 21 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे, जिससे कमलनाथ की सरकार गिर गई थी और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी, जिसमें उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया है।
रावत
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