देश की खबरें | कांग्रेस बजरंग बली की भक्त, धर्म के नाम पर टकराव के खिलाफ : राजस्थान सरकार के मंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस द्वारा अपने कर्नाटक चुनाव घोषणापत्र में बजरंग दल पर 'प्रतिबंध' लगाने का वादा किए जाने को लेकर ऊपजे विवाद के बीच राजस्थान सरकार के एक मंत्री ने पार्टी को बजरंग बली का भक्त बताते हुए बुधवार को कहा कि वह (कांग्रेस) सिर्फ धर्म के नाम पर टकराव करने वालों पर प्रतिबंध लगाती है। वहीं एक अन्य मंत्री ने आरोप लगाया कि ‘बजरंग दल में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को शामिल किया जा रहा है।’
जयपुर, तीन मई कांग्रेस द्वारा अपने कर्नाटक चुनाव घोषणापत्र में बजरंग दल पर 'प्रतिबंध' लगाने का वादा किए जाने को लेकर ऊपजे विवाद के बीच राजस्थान सरकार के एक मंत्री ने पार्टी को बजरंग बली का भक्त बताते हुए बुधवार को कहा कि वह (कांग्रेस) सिर्फ धर्म के नाम पर टकराव करने वालों पर प्रतिबंध लगाती है। वहीं एक अन्य मंत्री ने आरोप लगाया कि ‘बजरंग दल में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को शामिल किया जा रहा है।’
हालांकि, अलवर से भाजपा सांसद बाबा बालक नाथ ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने भगवान राम को नहीं माना और उनके लोग भगवान राम को काल्पनिक कहते हैं।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को जारी अपने चुनावी घोषणापत्र में कहा कि वह जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच 'नफरत फैलाने' वाले बजरंग दल और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है और कार्रवाइयों में ऐसे संगठनों पर 'प्रतिबंध' भी शामिल होगा।
घोषणापत्र के इस वादे को लेकर ऊपजे विवाद पर राजस्थान के खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस स्वयं बजरंग बली की भक्त है। वह सिर्फ धर्म के नाम पर टकराव पैदा करने वालों पर प्रतिबंध लगाती है।’’
अपने हनुमान चालीसा पढ़ने का दावा करते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘मैं ही कांग्रेस हूं... मेरे जैसे लाखों-करोड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस हैं। बजरंग बली पर कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा... कोई नेता प्रतिबंध नहीं लगा सकता। क्योंकि बजरंग बली के लिए कहा जाता है... चारों जुग प्रताप हमारा...’’
भाजपा पर दंगा-फसाद कराने का आरोप लगाते हुए खाचरियावास ने कहा, ‘‘कांग्रेस के किसी घोषणा पत्र में कुछ नहीं है। भाजपा बेकार आरोप लगा रही है। भाजपा का कोई एक संगठन दंगे-फसाद की बात कर रहा है, हम उसकी बात कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस बजरंग बली की जय हो का नारा लगाकर और ‘जय हनुमान ज्ञान गुण सागर’ कहते हुए भाजपा वालों से कह रही है कि हम बजरंग बली के भक्त हैं, लेकिन उनके नाम पर दंगा-फसाद नहीं करने देंगे।’’
वहीं, राज्य के केबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने कहा, ‘‘अगर आप बजरंगदल की बात कर रहे हैं, तो मुझे इस बात का दुख होता है कि आरएसएस के लोग संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं... बजरंग दल में ऐसे लोग शामिल हो रहे हैं जिनकी पृष्ठभूमि अपराधिक है। ऐसे लोगों को चुन-चुन कर बजरंग दल में शामिल किया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी ने बजरंग बली का विरोध नहीं किया है... लेकिन देवताओं के नाम पर दल बनाकर आपराधिक कार्य करने वालों का विरोध करने का फैसला कर्नाटक में लिया है।’’
साथ ही मेघवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर गलत प्रचार कर रही है। राज्य में बजरंग दल पर प्रतिबंध की संभावना के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘आप मानकर चलिये कर्नाटक व राजस्थान कोई अलग अलग नहीं हैं।''
वहीं भाजपा सांसद बाबा बालक नाथ ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘यह वही कांग्रेस है जिसने भगवान राम को नहीं माना और कांग्रेस ने ही भगवान राम को काल्पनिक बताया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस तो यह चाहती ही है कि भारत में सनातन धर्म से जुड़े देवी-देवताओं की पूजा बंद हो।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पीएफआई का नाम तो लेना तो केवल भूमिका बनाने की बात है। लेकिन उसका असल उद्देश्य बजरंग दल और अंतत: हनुमान जी पर प्रतिबंध लगाना है।’’
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