हांगकांग विधायिका की अहम समिति का अध्यक्ष चीन समर्थक के बनने पर सदस्यों में संघर्ष
सदन के अध्यक्ष ने शुक्रवार को क्वॉक के स्थान पर चान किन पोर को नियुक्त किया था और सोमवार को होने वाले चुनाव की जिम्मेदारी दी थी। चुनाव के दौरान हंगामा होने के बाद चान ने लोकतंत्र समर्थक अधिकतर सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया और इसके साथ ही चीन समर्थक स्टेरी ली आसानी से जीत गईं।
विधायिका की संसदीय समिति विधेयकों की जांच करती है और फैसला करती है कि कब उसे मत विभाजन के लिए पेश किया जाएगा लेकिन गत छह महीने से समिति का अध्यक्ष पद खाली था। बीजिंग की केंद्रीय सरकार ने उपाध्यक्ष और लोकतंत्र समर्थक सांसद डेनिस क्वॉक पर जानबूझकर मामलों में देरी कर जनहित से जुड़े विधेयकों को लटकाने का आरोप लगाते हुए आलोचना की थी।
सदन के अध्यक्ष ने शुक्रवार को क्वॉक के स्थान पर चान किन पोर को नियुक्त किया था और सोमवार को होने वाले चुनाव की जिम्मेदारी दी थी। चुनाव के दौरान हंगामा होने के बाद चान ने लोकतंत्र समर्थक अधिकतर सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया और इसके साथ ही चीन समर्थक स्टेरी ली आसानी से जीत गईं।
ली की जीत से माना जा रहा है कि विवादित विधेयकों को पारित कराने की प्रक्रिया को गति मिलेगी जिसमें चीनी राष्ट्रगान के अपमान को अपराध बनाने का विधेयक भी शामिल है। हांगकांग की मुख्य कार्यकारी कैरी लैम ने पिछले हफ्ते कहा था कि विधेयक को पारित कराना सरकार की प्राथमिकता है और 27 मई को इसे समिति के समक्ष रखा जाएगा।
सोमवार को विधायिका की बैठक में लोकतंत्र समर्थक तख्तियां लेकर सदन में आए थे जिसमें लिखा था ‘ सत्ता का दुरुपयोग’ और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना हांगकांग की विधायिका को रौंद रही है। इस घटना के महज कुछ मिनटों के बाद कम से कम पांच सदस्यों को आपत्तिजनक व्यवहार के लिए सदन से बाहर कर दिया गया और कम से कम एक सदस्य को जमीन पर घायल पड़ा हुआ देखा गया। इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई।
लोकतंत्र समर्थक विधायक क्लाउडिया मो ने बैठक खत्म होने के बाद कहा, ‘‘हांगकांग एक देश दो व्यवस्था के अंत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने हांगकांग की जनता से आह्वान किया कि सितंबर में होने वाली विधायिका के चुनाव में वे उन लोगों को बाहर करें जो हांगकांग के भविष्य की चिंता नहीं करते।
एक अन्य लोकतंत्र समर्थक सदस्य तान्या चान ने हांगकांग विधानसभा में तैनात सुरक्षा कर्मियों पर पक्षपात का आरोप लगाया।
हालांकि, चीन समर्थक विधायक मार्टिन लियो ने दावा किया कि विपक्षी सदस्यों ने कुछ सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया और वैधानिक चुनाव प्रक्रिया को बाधित किया।
उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर आठ मई को भी विधायकों में संघर्ष हुआ था। उस समय ली सदन की कार्यवाही शुरू होने से करीब एक घंटे पहले से ही अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गई थीं। उन्होंने दावा किया था कि कानूनी सलाहकारों के मुताबिक उनके पास सदन की समिति की बैठक करने का अधिकार है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में ब्रिटिश उपनिवेश रहे हांगकांग को 1997 में चीन को एक देश दो व्यवस्था की शर्त के साथ सौंपा गया था। इसमें हांगकांग को चीन की मुख्य भूमि के मुकाबले अधिक स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2020 04:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

