देश की खबरें | रिश्वत के रूप में परिवादी की 'अस्मत' मांगने वाले पुलिस अधिकारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

जयपुर, 20 मार्च राजस्थान सरकार ने रिश्वत के रूप में परिवादी महिला से उसकी 'अस्मत' मांगने के आरोपी आरपीएस अधिकारी कैलाश बोहरा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। एक सरकारी आदेश में इसकी जानकारी दी गयी है ।

राज्य के प्रमुख गृह सचिव अभय कुमार ने शनिवार को इस आशय का आदेश जारी किया। इसके अनुसार लोकहित को देखते हुए बोहरा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गयी है।

राजस्थान पुलिस सेवा आरपीएस के अधिकारी बोहरा (52) ने पलिस विभाग में 26 साल सात महीने सेवाएं दीं। प्रशासनिक सुधार विभाग की उच्च स्तरीय स्थायी समिति की सिफारिश पर बोहरा को राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996” के तहत सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है।

उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय की महिला अत्याचार अनुसंधान इकाई में तैनात सहायक पुलिस आयुक्त (पुलिस उप अधीक्षक) कैलाश बोहरा को रिश्वत के रूप में अस्मत मांगने के आरोप में पिछले रविवार को गिरफ्तार किया था।

परिवादी महिला ने शिकायत दी थी कि उसके द्वारा दर्ज कराये गये बलात्कार सहित तीन प्रकरणों की जांच बोहरा द्वारा की जा रही है। परिवादी के अनुसार बोहरा ने उसके पक्ष में कार्रवाई के लिए पैसे मांगे और अन्तत: रिश्वत के रूप में उसकी 'अस्मत' की मांग ली।

यह मामला राज्य विधानसभा में भी उठा जहां संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने इस मामले को अत्यंत गंभीर करार दिया।

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