देश की खबरें | पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों की गुणवत्ता से समझौता पूरी तरह अस्वीकार्य : संसदीय समिति

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित कई सड़कों की ‘खराब गुणवत्ता’ को रेखांकित करते हुए, संसद की एक समिति ने कहा है कि इस तरह का काम ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ है।

नयी दिल्ली, 27 जुलाई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित कई सड़कों की ‘खराब गुणवत्ता’ को रेखांकित करते हुए, संसद की एक समिति ने कहा है कि इस तरह का काम ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ है।

समिति ने यह सुझाव भी दिया कि योजना के तहत सड़कों की मोटाई मौजूदा 20 मिलीमीटर से बढ़ाकर 30 मिलीमीटर की जानी चाहिए।

ग्रामीण विकास और पंचायती राज पर विभाग संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में पीएमजीएसवाई के उचित क्रियान्वयन के लिए बेहतर केंद्र-राज्य सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया है।

द्रमुक सांसद कनिमोई की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि वह ‘‘इस बात का संज्ञान लेने के लिए बाध्य है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण की गुणवत्ता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो पूरे देश को प्रभावित कर रहा है।’’

समिति ने कहा, ‘‘ऐसे कई उदाहरण हैं जिनमें समिति का ध्यान कई स्थानों पर सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल घटिया सामग्री की ओर आकर्षित किया गया जो एक सीजन में भी खराब मौसम या अत्यधिक यातायात के बोझ को सहन नहीं कर सकतीं और मानसून की शुरुआत में ही जिनमें गड्ढे हो जाते हैं।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, समिति के सदस्यों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में इस तरह के अनुभव आये हैं और वे समय-समय पर इन्हें उठाते रहे हैं।

समिति ने इस ओर भी इशारा किया कि योजना के तहत सड़कों का निर्माण इस तरह के दिशानिर्देशों के साथ किया जाता है जिनमें भारी वाहनों की आवाजाही का ध्यान नहीं रखा जाता जबकि आज कल ग्रामीण सड़कों को इस तरह के वाहनों से भारी नुकसान होता है।

समिति ने सुझाव दिया कि पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों की चौड़ाई को मौजूदा 20 मिलीमीटर से बढ़ाकर 30 मिलीमीटर कर देना चाहिए।

वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन की धीमी गति पर समिति ने कहा कि वह यह जानकर चिंतित है कि इस साल जनवरी के अंत तक इन क्षेत्रों में लगभग 55.61 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका था।

पीएमजीएसवाई की शुरुआत 25 दिसंबर, 2000 को मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक आबादी वाली और पूर्वोत्तर तथा हिमालयी राज्यों में 250 से अधिक आबादी वाली संपर्कविहीन बस्तियों को ग्रामीण कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से की गयी थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Australia Women vs India Women ODI Stats: वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक-दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है भारत महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

Pakistan vs Sri Lanka, 50th Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका को हराकर भी टूर्नामेंट से बाहर हुआ पाकिस्तान, न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में बनाई जगह; यहां देखें PAK बनाम SL मैच का स्कोरकार्ड

India vs West Indies, T20 World Cup 2026 52nd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा टीम इंडिया बनाम वेस्टइंडीज के बीच सुपर-8 का महामुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Kolkata Weather And Rain Forecast For India vs West Indies Match: कोलकाता में भारत बनाम वेस्टइंडीज सुपर 8 मुकाबले पर बारिश का खतरा नहीं, लेकिन ओस बन सकती है बड़ा फैक्टर

\