नयी दिल्ली, 17 अगस्त झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा उनके खिलाफ लोकपाल से की गई भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत ‘दुर्भावनापूर्ण’ और ‘राजनीति से प्रेरित’ है।
न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद इस शिकायत और इसके आधार पर लोकपाल द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।
लोकपाल को अगस्त 2020 में दी गई अपनी शिकायत में दुबे ने दावा किया था कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने सरकारी कोष का दुरुपयोग करके बहुत धन-संपति अर्जित की और वे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
अदालत ने पिछले साल 12 सितंबर को लोकपाल की प्रक्रिया पर स्थगन लगा दिया था लेकिन कहा था कि मामले पर विचार करने की आवश्यकता है।
सोरेन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बृहस्पतिवार को दलील दी कि लोकपाल इस शिकायत पर संज्ञान नहीं ले सकते थे क्योंकि यह कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं था।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि आरोप शिकायत की तारीख से सात साल पहले के हैं इसलिए इन पर विचार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने दलील दी, ‘‘2013 के बाद कोई प्रविष्टि नहीं है। कानून में सीमा तय है। किसी भी संपत्ति की जांच नहीं की जा सकती है।’’
सिब्बल ने कहा, ‘‘भाजपा सांसद की यह शिकायत पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उन्हें (सांसद) ज्ञान नहीं है तथा लोकायुक्त कानून कहता है कि इसे अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।’’
लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 की धारा 53 के प्रावधानों के तहत शिकायत में अपराध होने की जो तारीख दी गई है, उसके सात साल बाद शिकायत नहीं की जा सकती है।
लोकपाल की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और शिकायतकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एएनएस नादकर्णी ने सोरेन की याचिका का विरोध किया।
मेहता ने अदालत से कहा कि लोकपाल के समक्ष मामला भ्रष्टाचार के लिए दोष सिद्धि के स्तर पर नहीं है और प्राधिकरण ने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं ताकि वह तय कर सके कि शिकायत पर आगे सुनवाई हो या नहीं।
नादकर्णी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता ने इससे पहले एक आवेदन देकर सोरेन के खिलाफ लोकपाल की कार्रवाई पर स्थगन के उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को हटाने का अनुरोध किया था।
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