देश की खबरें | सिद्धरमैया की याचिका खारिज करने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश की शिकायतकर्ताओं ने की सराहना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक में कथित भूमि आवंटन घोटाले के शिकायतकर्ताओं ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के मुकदमा चलाने के आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की याचिका मंगलवार को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने की सराहना की है।

बेंगलुरु, 24 सितंबर कर्नाटक में कथित भूमि आवंटन घोटाले के शिकायतकर्ताओं ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के मुकदमा चलाने के आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की याचिका मंगलवार को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने की सराहना की है।

यह मामला मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा एक प्रमुख इलाके में मुख्यमंत्री की पत्नी को भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

राज्यपाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत तीन शिकायतकर्ताओं- अब्राहम टी.जे., स्नेहमयी कृष्णा और प्रदीप कुमार एस.पी. की शिकायत पर 16 अगस्त को मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। मुख्यमंत्री ने इस आदेश को कर्नाटक उच्च न्यायालय की एकल पीठ के समक्ष चुनौती दी थी, लेकिन उन्हें वहां से आज निराशा हाथ लगी।

शिकायतकर्ताओं में से एक अब्राहम ने न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना द्वारा सिद्धरमैया की याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सिद्धरमैया की याचिका खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय में अर्जी लगाई थी। हमने जो भी आपत्तियां दर्ज की थीं, उसके अनुसार आदेश आया है, जो हमारे लिए खुशी की बात है।’’

जब उनसे कहा गया कि मुख्यमंत्री एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दे सकते हैं, तो अब्राहम ने कहा, ‘‘उन्हें खंडपीठ में चुनौती देने दें। वह अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे। चूंकि वह (उच्च न्यायालय की) खंडपीठ में जा रहे हैं, इसलिए हम वहां कैविएट दाखिल कर रहे हैं।’’

एक अन्य शिकायतकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने कहा, ‘‘हमने उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाया था कि अनियमितताओं में सिद्धरमैया की भूमिका है। तदनुसार, माननीय न्यायालय ने अपना आदेश दिया।’’

कृष्णा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ ‘ठोस’ दस्तावेजी सबूत उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वह जिस भी अदालत में जाएंगे, हार जाएंगे।’’

न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना ने 19 अगस्त से मुख्यमंत्री की याचिका की सुनवाई शुरू की थी और छह कार्यदिवस में इसे पूरी करने के बाद 12 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Live Toss And Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

LSG vs GT, IPL 2026 19th Match Scorecard: गुजरात टाइटंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हराया, जोस बटलर और शुभमन गिल ने खेली शानदार पारियां; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Toss Winner Prediction: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कौन होगा टॉस का बॉस? मैच से पहले जानें किस टीम के पक्ष में जा सकता है टॉस