देश की खबरें | दो प्राध्यापकों के खिलाफ साहित्यिक चोरी के आरोपों की जांच पूरी करे समिति : अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्थानीय भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की एक समिति को एक पीएचडी शोध छात्र द्वारा अपने दो प्राध्यापकों के खिलाफ लगाये गये साहित्यिक चोरी के आरोपों की जांच पूरी करने और इसकी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
नयी दिल्ली, 17 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्थानीय भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की एक समिति को एक पीएचडी शोध छात्र द्वारा अपने दो प्राध्यापकों के खिलाफ लगाये गये साहित्यिक चोरी के आरोपों की जांच पूरी करने और इसकी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने लगातार दो सेमेस्टर में असंतोषजनक प्रदर्शन के कारण संस्थान से पंजीकरण निरस्त किये जाने के खिलाफ शोध छात्र की याचिका पर विचार करते हुए कहा कि मामले के तथ्य ‘काफी परेशान करने वाले’ हैं और उन्होंने इस मामले में विद्यार्थी शिकायत निवारण समिति की रिपोर्ट भी तलब की तथा इस स्तर पर कोई अंतरिम निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी सह-गाइड ने उसके दो शोध प्रस्तावों का इस्तेमाल खुद 10.80 लाख रुपये के लोकसभा प्रायोजित फेलोशिप पाने के लिए किया।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि जब उन्होंने साहित्यिक चोरी का मुद्दा उनके सामने उठाया तो उनका रवैया विपरीत हो गया, जिसके कारण उनकी शिकायतें छात्र शिकायत निवारण समिति, संस्थान स्तर की साहित्यिक चोरी समिति के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग में हुईं।
आईआईटी, दिल्ली के वकील ने सहमति व्यक्त की कि साहित्यिक चोरी का मुद्दा बहुत गंभीर है और याचिकाकर्ता के आरोप को संस्थान द्वारा गंभीरता से देखा गया है। उन्होंने सूचित किया कि संस्थान स्तरीय साहित्यिक चोरी समिति याचिकाकर्ता की शिकायत पर विचार करेगी।
वकील ने कहा कि शिकायत पर कोई भी कार्रवाई समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
अदालत ने याचिका पर नोटिस भी जारी किया और संस्थान को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जुलाई की तारीख मुकर्रर की।
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