समिति का उत्तराखंड में उद्योगों के क्षेत्रवार विश्लेषण पर जोर
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार रात कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर मंथन किया । इसी दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने तथा आजीविका के संसाधनों में वृद्धि के लिये गठित उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष इंदु कुमार पाण्डे ने अपनी अन्तरिम रिपोर्ट सौंपी।
देहरादून, पांच मई एक उच्च स्तरीय समिति ने लॉकडाउन (बंद) और इस दौरान उत्तराखंड लौटे लोगों से उत्पन्न स्थिति के मददेनजर उद्योगों के क्षेत्रवार विश्लेषण पर जोर देते हुए कहा है कि वर्तमान हालात में पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा प्रभाव पड़ा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार रात कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर मंथन किया । इसी दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने तथा आजीविका के संसाधनों में वृद्धि के लिये गठित उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष इंदु कुमार पाण्डे ने अपनी अन्तरिम रिपोर्ट सौंपी।
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, पांडे ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन और राज्य में प्रवासन से उत्पन्न हालात के मददेनजर उद्योगों की स्थिति के साथ ही क्षेत्रवार विश्लेषण पर जोर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में प्रदेश के पर्यटन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है जिससे इससे संबंधित उद्योग बड़ी संख्या में प्रभावित हुए हैं । भविष्य में इन्हें मजबूती प्रदान करने के लिये चिंतन की जरूरत बताते हुए उन्होंने इसके लिए लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक योजनाओं का स्थानीयता को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन किये जाने पर भी जोर दिया।
जिले से लेकर प्रखंड स्तर तक क्षेत्रवार स्थिति के आकलन के लिये जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी देने की वकालत करते हुए पांडे ने कहा कि आगामी माहों में राज्य की अर्थव्यवस्था की स्थिति स्पष्ट हो पायेगी।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभावों, श्रमिक समस्याओं और संसाधनों की कमी के मद्देनजर नये आर्थिक स्रोतों पर विचार करना होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये विशेष विकास योजनाएं भी तैयार करनी होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माइक्रो इकोनामी को पटरी पर लाने की जरूरत है जिसके लिये बैंको को सहयोगी बनाना होगा।
पांडे ने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर उत्पन्न स्थिति के कारण विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विभिन्न संस्थानों और उद्यमियों से सुझाव प्राप्त करने के साथ ही विभिन्न राज्यों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की भी जानकारी प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की गयी है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी।
राज्य की अर्थव्यवस्था के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि लॉक डाउन के कारण राज्य के अन्य प्रदेशों में फंसे उन लोगों को पहले लाया जायेगा जो न घर में हैं और न कार्य स्थल पर। उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न प्रदेशों के फंसे लोगों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने सुझाव दिया चार धाम यात्रा का व्यवसाय लगभग 2000 करोड़ रुपये का होता है और पहाड़ी जिलों में यात्रा में छूट देने से स्थानीय लोग अपना व्यवसाय खोल सकते हैं। उन्होंने अल्पकालिक राहत के साथ सभी विभागों से इस क्षेत्र को पटरी पर लाने में सहयोग की बात कही।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि चार धाम सड़क परियोजना के तहत 600 कि.मी सड़क का निर्माण दिसम्बर तक पूर्ण हो जायेगा जिससे राज्य को जीएसटी में 400 करोड़ रुपये मिलेंगे ।
प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने कहा कि राज्य में 3,500 उद्योगों को अनुमति प्रदान कर दी गई है और खाद्य प्रसंस्करण वाले उद्योगों में उत्पादन आरम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि आजीविका सुधार से संबंधित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 12:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

