देश की खबरें | आतंकवाद का जड़ से सफाया करने की प्रतिबद्धता जताते हैं: जम्मू कश्मीर डीजीपी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने शनिवार को कहा कि घुसपैठ पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और स्थानीय युवाओं का आतंकवादी संगठनों में शामिल होना में कम हो गया है।

जेवन (जम्मू कश्मीर), 21 अक्टूबर जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने शनिवार को कहा कि घुसपैठ पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और स्थानीय युवाओं का आतंकवादी संगठनों में शामिल होना में कम हो गया है।

यहां पुलिस स्मृति दिवस समारोह के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने आतंकवाद के जड़ से उन्मूलन की प्रतिबद्धता जताई। डीजीपी ने कहा, ‘‘(जम्मू कश्मीर में) आतंकवाद फैलने के बाद से 1,605 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है।’’

सिंह ने कहा, ‘‘मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं अन्य सुरक्षाबलों के कर्मियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी है। इस वर्ष आठ पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। हमने आतंक के खिलाफ यह युद्ध जीत लिया है और हम आतंकवाद का जड़ से सफाया करने की प्रतिबद्धता जताते हैं।’’

डीजीपी ने कहा कि जम्मू कश्मीर के युवा दुश्मन की चालों को समझ गए हैं और शांति से रहना चाहते हैं। आतंकवादी संगठनों में स्थानीय युवाओं के शामिल होने में कमी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि पिछले साल जहां 110 युवा आतंकवाद में शामिल हुए थे, वहीं इस साल अब तक केवल 10 युवा ही शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन 10 में से छह मारे गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम बाकी चार से हथियार डालने की अपील करते हैं। उनकी वापसी के दरवाजे बंद नहीं किए गए हैं। हम आपकी जान नहीं लेना चाहते। शांति के साथ खड़े होने का समय आ गया है।’’

सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों ने सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘कई (आतंकवादी) शिविरों (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में) को काफी हद तक नष्ट कर दिया गया है। वहां होने वाली गतिविधियों से काफी हद तक निपटा जा चुका है लेकिन सीमा के पास कुछ शिविर हैं जहां प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां होती हैं।’’

डीजीपी ने कहा, ‘‘प्रशिक्षण के बाद कुछ लोगों की घुसपैठ कराने की कोशिश की जा रही है। हम घुसपैठ को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफल रहे हैं।’’

सिंह ने कहा कि इस साल घुसपैठ की हालांकि कुछ कोशिशें हुईं, लेकिन सीमा पर 90 फीसदी से ज्यादा ऐसी कोशिशें नाकाम कर दी गईं और घुसपैठिए मारे गए।

उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है और जो लोग अंदरूनी इलाकों में चले गए थे, वे भी बाद में मारे गए।

सिंह ने कहा, ‘‘हम लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करने में सफल रहे हैं। अब वे दिन चले गए जब पाकिस्तान और उसकी एजेंसियों के इशारे पर निर्दोषों का खून बहाया जाता था। आज लोग शांति के माहौल में रह रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, "आज हमारे बच्चे, हमारे व्यापारी सुरक्षित हैं और मुझे इसकी खुशी है।"

शुक्रवार को कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की घटना पर, जिसमें सेना का एक जवान घायल हो गया था, डीजीपी ने कहा कि इस घटना के साथ-साथ अरनिया घटना की जांच की जा रही है जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो कर्मी घायल हो गए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, संघर्षविराम समझौता कुल मिलाकर हर जगह कायम है। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बहुत मजबूत है। इन दो घटनाओं की जांच की जा रही है। एक बार विवरण उपलब्ध होने पर, हम इसे साझा करेंगे।’’

मादक पदार्थ-आतंकवाद के बारे में एक सवाल पर सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों ने मादक पदार्थ-आतंकवाद पर शिकंजा कस दिया है।

डीजीपी ने कहा कि हाल के वर्षों में मादक पदार्थ-आतंकवाद के करीब 39 मामले सामने आए हैं। सिंह ने कहा, ‘‘विशेष जांच चल रही है और मामले एनआईए, एसआईए और एसआईयू के पास हैं। हाल ही में, हमें बड़ी सफलता मिली जब हमने रामबन में कोकीन जैसा 30 किलोग्राम पदार्थ जब्त किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके तार कुपवाड़ा (जम्मू कश्मीर), पंजाब और उत्तराखंड से जुड़े थे। इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मादक पदार्थ-आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाएगा।"

इससे पहले, डीजीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने यहां शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी सुबह-सुबह स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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