जरुरी जानकारी | किसानों को रियायती कीमत पर उर्वरकों मुहैया के लिए प्रतिबद्ध : सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के संकट के समय में सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।
उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के संकट के समय में सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।
यूरिया के विपरीत फासफेट एवं पोटाश उर्वरकों उत्पादों की कीमतें विनयिमित हैं। विनिर्माता इनकी कीमत तय करते हैं और सरकार प्रति वर्ष उन्हें निर्धारित सब्सिडी देती है।
मंत्रालय ने कहा कि सरकार सस्ती कीमतों पर फास्फेट एवं पोटाश (पी एंड के) उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उर्वरक कंपनियों को पोषक तत्व आधारित अनुदान दरों के अनुसार सब्सिडी जारी है, ताकि किसानों को सस्ती कीमत पर उर्वरक उपलब्ध करवा सकें।
उसने कहा, ’’पिछले कुछ महीनों में डीएपी और अन्य पी एंड के उर्वरक के कच्चे माल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तैयार डीएपी आदि की कीमतें भी समान अनुपात में बढ़ी हैं। इस तेज वृद्धि के बावजूद पिछले महीने तक कंपनियों ने भारत में डीएपी की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की। हालांकि, कुछ कंपनियों ने अब डीएपी की कीमत बढ़ा दी है।‘‘
मंत्रालय ने कहा कि सरकार को इस स्थिति की पूरी जानकारी है और इस पर सरकार में शीर्ष स्तर पर निगरानी की जा रही है। सरकार किसानों की चिंताओं को लेकर भी पूरी तरह संवेदनशील है और इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही कदम उठा रही है, जिससे किसान समुदाय को पीएंडके उर्वरकों की कीमत में बढ़ोतरी के असर से बचाया जा सके।
उसने कहा कि सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए पहले ही सभी उर्वरक कंपनियों को किसानों के लिए बाजार में इन उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। वहीं सरकार भी देश में उर्वरकों की उपलब्धता की प्रतिदिन निगरानी कर रही है।
इसके अलावा उसने कहा कि डीएपी की कीमत निर्धारण को लेकर सरकार पहले ही सभी उर्वरक कंपनियों को डीएपी आदि के पुराने स्टॉक को पुरानी कीमतों पर ही बेचने के लिए कह चुकी है।
इसके अतिरिक्त भारत सरकार किसानों को सहायता देने और उन पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए पीएंडके उर्वरकों और डीएपी के कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी को समायोजित करने के लिए अनुदान दरों पर भी विचार कर रही है।
जतिन माधव
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2021 10:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

