जरुरी जानकारी | कोल इंडिया की नजर अर्जेंटीना में लिथियम ब्लॉक के अधिग्रहण पर: चेयरमैन प्रसाद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पी एम प्रसाद ने बुधवार को कहा कि कंपनी अर्जेंटीना में लिथियम ब्लॉक हासिल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और उसकी नजर ऑस्ट्रेलिया में एक महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक पर है।
नयी दिल्ली, दो अप्रैल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पी एम प्रसाद ने बुधवार को कहा कि कंपनी अर्जेंटीना में लिथियम ब्लॉक हासिल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और उसकी नजर ऑस्ट्रेलिया में एक महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक पर है।
प्रसाद ने 11वे खनन सम्मेलन एशियाई खनन कांग्रेस और 11वीं अंतरराष्ट्रीय खनन प्रदर्शनी के आयोजन के बारे में जानकारी देने के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘अर्जेंटीना में हम सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं... टीमों ने अर्जेंटीना का दो से तीन बार दौरा किया। हमने सरकार से सरकार के बीच बातचीत की।’
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भी लिथियम ब्लॉक के लिए तलाश की जा रही है।
लिथियम सहित महत्वपूर्ण खनिज, पवन चक्की से लेकर इलेक्ट्रिक कारों तक स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इलेक्ट्रिक कारों के लिए बैटरी के उत्पादन के लिए इनकी विशेष रूप से मांग है।
चेयरमैन ने कहा कि इस साल बिजली उत्पादन इकाइयों में कोयले की कमी नहीं होगी।
कंपनी का घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का हिस्सा है।
सीआईएल ने चालू वित्त वर्ष (2025-26) में 87.5 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए कंपनी का आपूर्ति लक्ष्य 90 करोड़ टन है।
सीआईएल ने पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में 78.11 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया, जो कंपनी के वित्त वर्ष के 83.8 करोड़ टन के लक्ष्य से लगभग सात प्रतिशत कम है।
प्रसाद ने कहा कि 16 अप्रैल से कोकिंग और नॉन-कोकिंग कोयला, दोनों के लिए 10 रुपये प्रति टन की कीमत वृद्धि से कंपनी के राजस्व पर मामूली प्रभाव पड़ेगा।
इस वर्ष मार्च के अंत तक सीआईएल का खान के पास का भंडार अबतक का सर्वाधिक 10.6 करोड़ टन था।
महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सीआईएल का प्रवेश, कोयले पर अपनी निर्भरता कम करने तथा स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए इन खनिजों को प्राथमिकता देने के वैश्विक रुझानों के साथ तालमेल बिठाने की आवश्यकता से प्रेरित है।
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