जरुरी जानकारी | कोल इंडिया का उत्पादन हड़ताल के पहले दिन 63 प्रतिशत गिरा
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नयी दिल्ली, तीन जुलाई कोल इंडिया के श्रमिक संगठनों की तीन दिन की हड़ताल के पहले दिन कोयला उत्पादन में 63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
उल्लेखनीय है कि कोयला क्षेत्र में निजी क्षेत्र की कंपनियों को वाणिज्यिक खनन की अनुमति देने के विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित भारतीय मजदूर संघ समेत कुल पांच श्रमिक यूनियनों ने तीन दिन की हड़ताल का आहवान किया है। यह हड़ताल बृहस्पतिवार से शुरू हुई और शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही।
कंपनी के अधिकारी ने जानकारी दी कि बृहस्पतिवार को कोल इंडिया ने 4,81,000 टन कोयले का उत्पादन किया। यह पिछले दस दिन (22 जून से एक जुलाई तक) के औसत 12,96,900 टन उत्पादन का 37 प्रतिशत है।
हालांकि, हड़ताल पर गयी ट्रेड यूनियनों का दावा है कि बृहस्पतिवार को कोई उत्पादन नहीं हुआ।
कोयला मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को 37 प्रतिशत उत्पादन भी इसलिए हो सका क्योंकि कोल इंडिया ने करीब एक लाख अनुबंध श्रमिकों को नौकरी पर रखा है।
कंपनी अधिकारी ने जानकारी दी कि हड़ताल के पहले दिन कोल इंडिया ने 5,78,000 टन कोयले की आपूर्ति की। यह पिछले दस दिन (22 जून से एक जुलाई तक) के औसत 14,05,000 टन कोयला आपूर्ति का मात्र 41.14 प्रतिशत है।
कंपनी ने कहा कि बृहस्पतिवार को कोल इंडिया और उसकी विभिन्न अनुषंगी में उपस्थित कर्मचारियों की संख्या 63,581 रही। यह 22 जून को काम पर आए 1,96,487 कर्मचारियों का 32.36 प्रतिशत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोयले की इस हड़ताल का बिजली उत्पादन और बिजली उद्योग पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि अधिकतर बिजली संयंत्रों के पास पहले से कोयले का अतिरिक्त और पर्याप्त स्टॉक है।
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