जरुरी जानकारी | शिक्षा प्रौद्योगिकी सेवाएं लेने वाले ग्राहकों ने की क्षेत्र के लिए नियम बनाने की मांग : सर्वेक्षण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियों की तरफ से पेश की जाने वाली सेवाओं के उपयोग में कई तरह की दिक्कतों का सामना करने वाले ज्यादातर ग्राहकों ने सरकार से इस क्षेत्र के लिए नियम बनाने की मांग की है।

नयी दिल्ली, सात जून शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियों की तरफ से पेश की जाने वाली सेवाओं के उपयोग में कई तरह की दिक्कतों का सामना करने वाले ज्यादातर ग्राहकों ने सरकार से इस क्षेत्र के लिए नियम बनाने की मांग की है।

ऑनलाइन मंच लोकलसर्कल्स ने मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा कि 69 प्रतिशत ग्राहकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित सत्रों में भाग लेने के लिए बुनियादी ढांचा, शिक्षकों की गुणवत्ता और सब्सक्रिप्शन शुल्क में रिफंड जैसे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

कंपनी के अनुसार यह सर्वेक्षण देशभर के 323 जिलों में एक अप्रैल से 31 मई, 2022 के बीच किया गया और इसमें 27,000 लोगों ने अपनी राय व्यक्त की।

सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है, ‘‘ऑनलाइन शिक्षण या कक्षाएं लेने वाले 69 प्रतिशत ग्राहकों को किसी न किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा है। सर्वेक्षण में शिक्षा प्रौद्योगिकी मंचों के जरिये कक्षाएं लेने के दौरान सामना आने वाली दिक्कतों के बारे में पूछा गया था।’’

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इसके जवाब में नौ प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें बुनियादी ढांचा से जुड़ी समस्यों का सामना करना पड़ा है जबकि 19 प्रतिशत को पढ़ाने वाले शिक्षकों के असरदार होने को लेकर समस्या रही है। वहीं दस प्रतिशत ग्राहकों को रिफंड लेने में कई तरह की दिक्कतें आई।’’

इसके अलावा सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 17 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें इन तीनों दिक्कतों को झेलना पड़ा, जबकि 11 प्रतिशत को बुनियादी ढांचा और शिक्षकों की प्रभावशीलता से परेशानी थी। दो प्रतिशत ग्राहकों को बुनियादी ढांचे के साथ-साथ रिफंड लेने में भी दिक्कतें आई जबकि 31 प्रतिशत को कोई दिक्कत नहीं है।

वहीं, ऑनलाइन माध्यम से कक्षा लेने वाले 96 प्रतिशत ग्राहक चाहते हैं कि सरकार को इन मंचों या कंपनियों के लिए रिफंड या सदस्यता नीति को वेबसाइट पर सार्वजानिक रूप से डालना अनिवार्य कर देना चाहिए।

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