देश की खबरें | गाज़ीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं व कृषि कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित गाज़ीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं और नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी किसानों के बीच बुधवार को झड़प हो गई, जिससे दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हो गए।
गाज़ियाबाद (उप्र), 30 जून दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित गाज़ीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं और नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी किसानों के बीच बुधवार को झड़प हो गई, जिससे दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हंगामा उस समय हुआ जब भाजपा कार्यकर्ता उस फ्लाईओवर से अपना जुलूस निकाल रहे थे जहां केन्द्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी किसान नवंबर 2020 से धरने पर बैठे हुए हैं, जिनमें अधिकतर भारतीय किसान यूनियन के समर्थक हैं।
उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले, जिस वजह से कुछ लोग जख्मी हो गए।
सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें कथित रूप से कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हालत में दिख रही हैं। ये गाड़ियां भाजपा नेता अमित वाल्मिकी के काफिले का हिस्सा थीं और वाल्मिकी के स्वागत के लिए ही जुलूस निकाला जा रहा था।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि यह प्रकरण तीन विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन को कुचलने और इसे बदनाम करने की भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साजिश है। दूसरी तरफ, भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अमित वाल्मिकी के स्वागत कार्यक्रम के दौरान उनके खिलाफ जातिगत टिप्पणी की गई और अपशब्द कहे गए, जिसके चलते झगड़ा हुआ।
इस बीच, दोनों पक्षों ने गाजियाबाद पुलिस के पास शिकायत दी है। जिला पुलिस प्रमुख अमित पाठक ने कहा कि कानूनी कार्रवाई करने से पहले मामले की जांच की जाएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने दावा किया कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने जिला प्रशासन और सरकारी अधिकारियों को सूचित किया था कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं को हटाएं क्योंकि वे स्वागत रैली के नाम पर हंगामा कर रहे हैं।
बाजवा ने कहा, “उन्होंने किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया और एक साजिश के तहत खुद अपने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सरकार की यह साजिश कामयाब नहीं होने वाली है क्योंकि पहले भी किसानों के प्रदर्शन को खत्म करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा चुके हैं।”
उन्होंने कहा, “हम आज (बुधवार) की घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं, और अगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हम उसके हिसाब से अपनी भविष्य की रणनीति की योजना बनाएंगे।”
बाजवा ने कहा, “हम भाजपा द्वारा किए गए हंगामे की निंदा करते हैं।” उन्होंने कहा कि यह हथकंडे काम नहीं करेंगे, क्योंकि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से पिछले सात महीनों से चल रहा है और भविष्य में भी जारी रहेगा।
वहीं, गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि अपने दल के झंडे लहराते हुए भाजपा कार्यकर्ता अभद्र का प्रयोग करते हुए किसानों से भिड़ गए।
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