जरुरी जानकारी | सीआईएल ने कोयला परिवहन के लिए रेल भाड़ा कम करने की मांग की

नयी दिल्ली, 12 अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने बुधवार को कहा कि उसने खदानों से 701 से 1,400 किलोमीटर तक की दूरी वाले घरेलू ग्राहकों को कोयला पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे से भाड़े में 15 प्रतिशत छूट मांगी है।

सीआईएल ने एक बयान में कहा कि इस कदम का मकसद ग्राहक आधार बढ़ाना और आयात प्रतिस्थापन योजना के तहत नए ग्राहकों को जोड़ना है।

यह भी पढ़े | CONFIRMED: करीना कपूर और सैफ अली खान दोबारा बनने जा रहे हैं पैरेंट्स, साथ मिलकर फैंस को बताया गुड न्यूज.

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘माल ढुलाई रियायत का विस्तार 701 से 1,400 किलोमीटर तक के ग्राहकों के लिए करने से कोयला मंगाने की लागत में कमी होने के चलते विदेशों से आयातित कोयले की जगह घरेलू खरीद में इजाफा होगा।’’

सीआईएल से जुड़े 126 कोयला आधारित ताप संयंत्रों में 14 संयंत्र 1,400 से अधिक दूरी पर स्थित हैं और उन्हें इस समय माल ढुलाई रियायत का लाभ मिलता है।

यह भी पढ़े | Sushant Singh Rajput Death Case: एनसीपी चीफ शरद पवार बोले, CBI जांच का नहीं है विरोध लेकिन मुंबई पुलिस पर है भरोसा.

बयान में कहा गया कि सीआईएल ने आयात प्रतिस्थापन योजना के दायरे में अधिक ग्राहकों को लाने के लिए रेलवे से दूरी आधारित माल रियायत देने के लिए कहा।

सीआईएल की कुल आपूर्ति का लगभग 70 प्रतिशत कोयला जी9 से जी12 श्रेणी का होता है और ऐसे में खपत बिंदु तक पहुंचे में कोयले की कुल लागत का 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ भाड़े का होता है।

रेलवे से माल ढुलाई के लिए 701 किमी से अधिक दूरी होने पर लागत बढ़ जाती है और यदि इस सीमा में आने वाले ग्राहकों को ढुलाई में रियायत दी जाए तो उनके लिए आयातित कोयला लेने की जगह घरेलू आपूर्ति बढ़ाना फायदेमंद होगा।

बयान में कहा गया कि यह अनुरोध लौह अयस्क को दिए जा रहे लाभ के अनुरूप है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)