नयी दिल्ली, 21 सितंबर सरकार ने चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी को रोकने के लिए चीनी व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखलाओं और प्रसंस्करणकर्ताओं को एक सरकारी पोर्टल पर साप्ताहिक आधार पर अपने स्टॉक का खुलासा करने का निर्देश दिया है।
खाद्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि देश में घरेलू उपभोग के लिए पर्याप्त भंडार है और त्योहारों के लिए चीनी की कोई कमी नहीं है।
इसमें कहा गया है कि सरकार देश में चीनी की खुदरा कीमत को सफलतापूर्वक स्थिर बनाए हुए है।
इसमें कहा गया है कि चीनी बाजार में ‘‘जमाखोरी से निपटने और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने’’ के एक सक्रिय उपाय के रूप में मंत्रालय ने पोर्टल पर प्रत्येक सोमवार को व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखलाओं के खुदरा विक्रेताओं और चीनी के प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए अपनी स्टॉक स्थिति का अनिवार्य रूप से खुलासा करने के आदेश जारी किए हैं।
इसमें कहा गया है कि जमाखोरी और सट्टेबाजी को रोककर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चीनी सभी उपभोक्ताओं के लिए सस्ती रहे।
इसमें कहा गया है कि यह सक्रिय उपाय नियामकीय अधिकारियों को स्टॉक स्तर की बारीकी से निगरानी करने और किसी भी संभावित बाजार हेरफेर के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का अधिकार देता है।
पूरी तरह से डिजिटल पहल किसी भी सट्टा लेनदेन से चीनी जमाखोरों को रोकने के साथ एक सुचारू चीनी बाजार की सुविधा प्रदान करेगी।
इसके अलावा यह चीनी स्टॉक पर वास्तविक समय पर आंकड़ा उपलब्ध करायेगा तथा उपभोक्ताओं एवं उद्योग पर चीनी की बढ़ती कीमतों की अफवाहों के प्रभाव को कम करने के लिए आगे नीतिगत निर्णय लेने में मदद करेगा।
मंत्रालय ने चीनी मिलों और व्यापारियों से संबंधित कानूनों और मासिक घरेलू कोटा मानदंडों का पालन करने को कहा है। बयान में कहा गया है, ‘‘इसका उल्लंघन करने वाली मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
अगस्त के अंत में 83 लाख टन चीनी का पहले के बचे स्टॉक तथा अगले महीने से पेराई शुरू होने की उम्मीद के साथ भारत के पास घरेलू खपत के लिए चीनी का पर्याप्त स्टॉक है।
सरकार ने 13 लाख टन की घरेलू बिक्री कोटा की पहली किस्त जारी कर दी है, जिसे चीनी मिलें तत्काल प्रभाव से बेचना शुरू कर सकती हैं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘बाजार की स्थितियों को देखते हुए उचित समय पर और कोटा जारी किया जाएगा।’’
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