विदेश की खबरें | चीन के राष्ट्रपति शी ने एकपक्षीय प्रतिबंधों का दुरूपयोग रोकने की अपील की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘ब्रिक्स’ ने मौजूदा वैश्विक संकट में मुश्किलों से उबरने की क्षमता और ऊर्जा दिखाई है। साथ ही, उन्होंने संभवत: अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए पांच सदस्यीय समूह से एकपक्षीय प्रतिबंधों के दुरूपयोग का विरोध करने की अपील की।
बीजिंग, 23 जून चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘ब्रिक्स’ ने मौजूदा वैश्विक संकट में मुश्किलों से उबरने की क्षमता और ऊर्जा दिखाई है। साथ ही, उन्होंने संभवत: अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए पांच सदस्यीय समूह से एकपक्षीय प्रतिबंधों के दुरूपयोग का विरोध करने की अपील की।
शी ने वीडियो लिंक के जरिये 14वें ब्रिक्स सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में कहा कि पिछले साल विश्व द्वारा कोविड-19 महामारी के प्रसार, विश्व अर्थव्यस्था के उबरने में मशक्कत करने और शांति एवं सुरक्षा के मुद्दों का सामना करना जारी रहा।
शी की मेजबानी में आयोजित सालाना सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरील रामफोसा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया।
शी ने कहा, ‘‘जटिल परिस्थितियों का सामना करते हुए ब्रिक्स देशों ने खुलापन, समावेश और सहयोग, एकजुटता एवं समन्वय को अपनाया है तथा चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटा है। ’’
चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा वेबसाइट पर पोस्ट किये गये उनके भाषण में कहा गया है, ‘‘ब्रिक्स तंत्र ने मुश्किलों से उबरने की क्षमता और ऊर्जा दिखाई है। ब्रिक्स सहयोग ने अच्छी प्रगति की है तथा नतीजे दिये हैं।’’
साथ ही, उन्होंने ब्रिक्स देशों से शीत युद्ध की मानसिकता और गुटीय टकराव खारिज करने, एकपक्षीय प्रतिबंधों और प्रतिबंधों के दुरूपयोग का विरोध करने की अपील की। उन्होंने यूक्रेन पर हमला करने को लेकर रूस के खिलाफ अमेरिका, यूरोपीय संघ और उनके सहयोगी देशों द्वारा लगाये गये प्रतिबंधों की ओर संभवत: इशारा करते हुए यह कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बहुपक्षाद के लिए प्रोत्साहित करने और संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांतों तथा अंतरराष्ट्रीय कानून से संचालित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कायम रखने की जरूरत है। ’’
उन्होंने कहा , ‘‘हमें समता और न्याय के लिए आवाज उठाने की जरूरत है। ’’
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