मंत्रालय ने बताया कि गुब्बारा बृहस्पतिवार रात उत्तरी बंदरगाह शहर कीलुंग के दक्षिण-पश्चिम से गुजरा और पूर्व की ओर बढ़ने के बाद संभवतः प्रशांत महासागर में गायब हो गया।
ताइवान ने ऐसे गुब्बारों को मार गिराने की धमकी दी है, लेकिन मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि इस मामले में क्या कोई कार्रवाई की गई।
उसने बताया है कि गुब्बारे को लगभग 6,400 मीटर (21,000 फुट) ऊंचाई पर उड़ते हुए देखा गया।
उसने यह भी कहा कि शुक्रवार सुबह छह बजे से पहले 24 घंटों में 10 चीनी नौसैन्य पोत के अलावा 26 चीनी सैन्य विमानों का पता लगाया गया। इन विमानों में से 15 विमानों ने उस मध्य रेखा को पार किया जो दोनों पक्षों के बीच एक अनौपचारिक सीमा रेखा है, लेकिन बीजिंग इसे स्वीकार नहीं करता। कुछ विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र के बाहर उसके वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में भी प्रवेश किया।
मंत्रालय ने बताया कि ताइवान की सेना ने लड़ाकू विमानों, नौसेना के पोतों और भूमि-आधारित मिसाइल प्रणालियों के जरिए स्थिति पर नजर रखी।
चीन इस स्वशासित द्वीप पर अपना दावा करता है और वह ताइवान को डराने, उसकी सैन्य क्षमताओं को थकाने और सशस्त्र बलों एवं आम नागरिकों का मनोबल गिराने के लिए अक्सर इस प्रकार के हथकंडे अपनाता है।
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