देश की खबरें | चीनी सेना ने अरूणाचल प्रदेश के पांच युवकों को रिहा किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अरूणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में मैकमोहन लाइन के निकट से चीन की सेना (पीएलए) द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए पांच युवकों को शनिवार को अंजाव जिले में छोड़ दिया गया। यह स्थान ईटानगर से करीब 1,000 किमी की दूरी पर है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

ईटानगर, 12 सितंबर अरूणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में मैकमोहन लाइन के निकट से चीन की सेना (पीएलए) द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए पांच युवकों को शनिवार को अंजाव जिले में छोड़ दिया गया। यह स्थान ईटानगर से करीब 1,000 किमी की दूरी पर है।

तेजपुर में रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने बताया कि पीएलए ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन युवाओं को भारतीय सेना को सौंप दिया। इनमें तानू बकर, प्रसाद रिंगलिंग, नगारू दिरि, दोंगतू एबिया और तोच सिंगकाम हैं ।

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प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल के अनुरूप पांचों युवकों को 14 दिन के लिए पृथक-वास में रखा जाएगा और उसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने युवाओं की सुरक्षित रिहाई के लिए सेना और केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा किया है ।

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह जानकर खुशी हुई कि चीनी सेना ने अरूणाचल के हमारे पांच युवकों को भारतीय सेना के हवाले कर दिया है। मैं उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए (केंद्र) सरकार और भारतीय सेना का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।’’

यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब पूर्वी लद्दाख में काफी समय से भारत और चीन के बीच गतिरोध चल रहा है।

जिले के नाचो इलाके के ग्रामीण युवक दो सितंबर को जंगल में शिकार करने गए थे। उन्हें सेरा-7 से चीनी सैनिक कथित तौर पर ले गए। सेरा-7 सेना का गश्ती क्षेत्र है जो नाचो के उत्तर में 12 किमी की दूरी पर स्थित है।

ये युवक भारतीय सेना के लिए माल ढुलाई का काम करते थे । उनके परिजनों ने लापता होने के बारे में सोशल मीडिया पर आवाज उठायी थी।

पांडे ने बताया, ‘‘अरूणाचल प्रदेश अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यहां लोग रोमांच की तलाश में, औषधियां खोजने और शिकार के लिए भी जंगलों में जाते हैं और कई हफ्तों तक जंगलों, दूर दराज के इलाकों में रहते हैं। इस दौरान वे कई बार अनजाने में वास्तविक नियंत्रण रेखा की दूसरी ओर चले जाते हैं।’’

उन्होंने बताया कि ऐसे सभी लोगों को भारतीय सेना अपने निरंतर प्रयासों तथा समन्वय के जरिए सुरक्षित लौटा लाती है।

पांडे ने बताया कि युवाओं का पता लगाने के लिए सेना ने हॉटलाइन पर चीनी सेना से संपर्क किया था।

ऊपरी सुबनसिरी में युवकों के परिवारवालों ने उनकी सुरक्षित रिहाई के बारे में जानकर सेना और केंद्र तथा राज्य सरकार के अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया।

तानू बकर के भाई रेरी डेलक बकर ने कहा, ‘‘कुछ ही दिनों में रिहाई की व्यवस्था हो गयी। मैं सेना, सरकारी अधिकारियों और सहयोग तथा सद्भावना दिखाने के लिए पीएलए का शुक्रिया अदा करता हूं।’’

अंजाव में हायुलिलांग विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले दसांगलू पुल ने कहा कि चीन की ओर से उठाया गया ‘‘यह स्वागतयोग्य कदम है। ’’

इससे पहले मार्च में पीएलए ने मैकमोहन रेखा के पास असापिला सेक्टर से 21 वर्षीय युवक को अगवा कर लिया था। हालांकि, उसके दो दोस्त भाग निकलने में कामयाब रहे थे।

चीनी सेना ने 19 दिनों बाद तोगले सिनकाम को रिहा कर दिया था।

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