विदेश की खबरें | यांग-सुलिवन वार्ता के बाद चीन-अमेरिका संबंधों में तनाव कम करने को लेकर आशान्वित है चीन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ज्यूरिख में चीन के शीर्ष राजनयिक यांग जेइची और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के बीच बातचीत के बाद आशावादी तस्वीर पेश करते हुए चीन ने कहा कि संबंधों को वापस पटरी पर लाने के लक्ष्य से दोनों पक्ष साथ मिलकर काम करने और कदम उठाने पर राजी हुए हैं।
बीजिंग, सात अक्टूबर ज्यूरिख में चीन के शीर्ष राजनयिक यांग जेइची और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के बीच बातचीत के बाद आशावादी तस्वीर पेश करते हुए चीन ने कहा कि संबंधों को वापस पटरी पर लाने के लक्ष्य से दोनों पक्ष साथ मिलकर काम करने और कदम उठाने पर राजी हुए हैं।
सरकारी टेलीविजन चैनल सीजीटीएन-टीवी की खबर के अनुसार, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य यांग और सुलिवन के बीच हुई बातचीत में यह सहमति बनी।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण तरीके से तनावपूर्ण चीन-अमेरिका संबंधों, साझा हित वाले अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की और एक-दूसरे के विचार साझा किए। बैठक को परस्पर समझ बढ़ाने के लिहाज से सकारात्मक और फलदायी बताया।
पिछले शुक्रवार को चीन में नेशनल डे की छुट्टियां शुरू होने से अभी तक ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (एडीआईजेड) में चीनी वायुसेना की रिकॉर्ड 150 सोर्टि (उड़ानों) की पृष्ठभूमि में दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमेरिका ने इस हवाई अभ्यास को लेकर ‘चिंता’ जतायी और कहा कि यह उकसावे वाली कार्रवाई है।
चीन का दावा है कि ताइवान से अलग हुए द्वीप उसका हिस्सा हैं और राष्ट्रीपति शी चिनफिंग ने इसे देश की मुख्यभूमि के साथ मिलाने की कसम खायी है।
शी के साथ अपनी पुरानी बातचीत का संदर्भ देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था, ‘‘मैंने शी से ताइवान के बारे में बात की है। हम राजी हैं... हम ताइवान समझौते को मानेंगे। हमने इसे स्पष्ट किया कि मुझे नहीं लगता है कि उन्हें समझौते को मानने के अलावा कुछ और करना चाहिए।’’
ताइवान के रक्षा मंत्री चिउ कु-चेंग ने बुधवार को कहा कि 2025 तक चीन ताइवान पर बहुत भीषण हमला करने की स्थिति में पहुंच जाएगा।
सीएनएन की खबर के अनुसार, चीन द्वारा बड़े पैमाने पर किए जा रहे अभ्यास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ताइवान पर हमला करने के संबंध में, उनके पास अभी भी क्षमता है। लेकिन उसे (चीन) कीमत चुकानी होगी।’’
उन्होंने कहा कि 2025 तक यह कीमत बहुत कम हो जाएगी और चीन पूरी तरह भीषण हमला करने के लायक हो जाएगा।
पर्यवेक्षकों ने बताया कि मार्च में अलास्का में हुई यांग-सुलिवन की पहली बैठक से इतर यह बैठक ज्यादा सौहार्दपूर्ण और कम शत्रुतापूर्ण लगी।
सुलह करने वाली में यांग ने अमेरिकी अधिकारी से कहा कि जब चीन और अमेरिका सहयोग करेंगे तो दोनों देशों और दुनिया को लाभ होगा, लेकिन जब उनके बीच संघर्ष होगा तब दोनों के साथ-साथ दुनिया को भी तकलीफ होगी।
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