विदेश की खबरें | पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है चीन: ताइवान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की हाल की ताइवान यात्रा से नाराज चीन ने सैन्य जहाजों और विमानों को मध्य रेखा के पार भेजा है जो ताइवान जलडमरूमध्य में दोनों पक्षों को अलग करती है। बीजिंग ने द्वीप के आसपास पानी में प्रक्षेपास्त्र भी दागे हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की हाल की ताइवान यात्रा से नाराज चीन ने सैन्य जहाजों और विमानों को मध्य रेखा के पार भेजा है जो ताइवान जलडमरूमध्य में दोनों पक्षों को अलग करती है। बीजिंग ने द्वीप के आसपास पानी में प्रक्षेपास्त्र भी दागे हैं।

बृहस्पतिवार से शुरू हुए चीन के इस अभ्यास ने वैश्विक व्यापार के लिए सबसे व्यस्त क्षेत्रों में से एक में उड़ानों और नौवहन को बाधित कर दिया है।

तनाव को शांत करने के आह्वान को नजरअंदाज करते हुए बीजिंग ने सैन्य अभ्यास और विस्तारित कर दिया है तथा यह भी घोषणा नहीं की है कि यह कब समाप्त होगा।

ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा कि 1949 में गृहयुद्ध के दौरान मुख्य भूमि से अलग हुए द्वीप को जोड़ने के लक्ष्य से भी परे चीन पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है।

उन्होंने ताइपे में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इसमें ताइवान जलडमरूमध्य के माध्यम से पूर्वी और दक्षिण चीन सागर को नियंत्रित करना तथा हमले की स्थिति में अमेरिका और उसके सहयोगियों को ताइवान की सहायता करने से रोकने के लिए नाकाबंदी करना शामिल है।

वू ने कहा कि अभ्यास चीन की "ताइवान से परे भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं" को भी दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि ताइवान के लोकतंत्र या अन्य देशों के साथ उसकी बातचीत में "चीन को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।’’

चीन का कहना है कि उसने पिछले सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के जवाब में सैन्य अभ्यास शुरू किया था, लेकिन वू ने कहा कि चीन उनकी यात्रा को एक बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

पेलोसी की यात्रा के बाद चीन ने ताइवान की ओर से कुछ खाद्य सामग्रियों के आयात पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा उसने जलवायु परिवर्तन समेत कई मुद्दों को लेकर अमेरिका के साथ संवाद बंद कर दिया है।

वू ने कहा कि चीन यथास्थिति में बदलाव करना और ताइवान पर आक्रमण करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि चीन का अभ्यास ताइवान पर आक्रमण की तैयारी है, जिसके जरिए चीन यह चाहता है कि अन्य देश ताइवान की मदद के लिए आगे न आएं।

चीन ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है। वह लंबे से कहता आया है कि अगर जरूरत पड़ी तो ताइवान को बलपूर्वक मुख्य भूमि चीन में शामिल किया जा सकता है। वह विदेशी अधिकारियों के ताइवान दौरे का विरोध करता रहा है। साथ ही वह ताइवान के बारे में किसी भी टिप्पणी पर तुरंत प्रतिक्रिया देता रहा है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

SRH vs CSK, IPL 2026 27th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा सनराइजर्स हैदराबाद बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

GT vs KKR, IPL 2026 25th Match Scorecard: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुभमन गिल ने कोलकाता नाइट राइडर्स के उम्मीदों पर फेरा पानी, 5 विकेट से मिली करारी हार; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

SRH vs CSK, IPL 2026 27th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 27वें मुकाबले में जीत की राह पर लौटना चाहेंगी सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपरकिंग्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

RCB vs DC, IPL 2026 26th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम दिल्ली कैपिटल्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी