विदेश की खबरें | चीन को कम नहीं आंकना चाहिए: विदेश मंत्रालय
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बीजिंग, 21 अक्टूबर चीन के विदेश मंत्रालय ने बीजिंग में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा नामित निकोलस बर्न्स पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए चीन के दृढ़ संकल्प को कम नहीं आंकना चाहिए।
बर्न्स ने शिनजियांग, तिब्बत, हांगकांग और ताइवान को लेकिर चीन की कट्टरपंथी नीतियों की आलोचना की थी जिसके बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने यह बयान दिया है।
बर्न्स ने चीन में अमेरिकी राजदूत के रूप में अपने नाम की पुष्टि संबंधी सुनवाई के दौरान सीनेट की विदेश संबंधों से जुड़ी समिति के सदस्यों से बुधवार को कहा कि चीन को जहां चुनौती देने की आवश्यकता है, अमेरिका उसे वहां चुनौती देगा। उन्होंने कहा कि जब भी चीन अमेरिकी मूल्यों एवं हितों के खिलाफ कदम उठाएगा, अमेरिका या उसके सहयोगियों की सुरक्षा को खतरा पैदा करेगा या नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करेगा, अमेरिका उसके खिलाफ कदम उठाएगा।
उनकी इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, "हम बर्न्स को विश्व के घटनाक्रम और लोगों की आकांक्षा की समग्र प्रवृत्ति के बारे में जागरूक होने की सलाह देते हैं, चीन की वास्तविक स्थितियों को निष्पक्ष रूप से जानें और चीन-अमेरिका संबंधों को तर्कसंगत रूप से देखें। चीनी जनता के अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प और क्षमता को कम करके आंकने से बचें।"
वांग ने कहा, "हमें उम्मीद है कि वह अधिक रचनात्मक तरीके से बोलेंगे और कार्य करेंगे, और चीन-अमेरिका संबंधों और दो लोगों के बीच दोस्ती को बढ़ावा देने में रचनात्मक भूमिका निभाएंगे।"
बर्न्स ने कहा, ‘‘चीन द्वारा शिनजियांग में नरसंहार और तिब्बत में उत्पीड़न करना, हांगकांग की स्वायत्तता एवं स्वतंत्रता का गला घोंटना और ताइवान को धमकाना अन्यायपूर्ण है और इसे रोकना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, "हमारा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में यथास्थिति एवं स्थिरता को कमजोर करने वाली एकतरफा कार्रवाई का विरोध करना भी उचित है।"
उनकी टिप्पणी के लिए बर्न्स की आलोचना करते हुए, वांग ने कहा कि चीन दृढ़ता से इसे खारिज करता है।
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