विदेश की खबरें | चीन ने चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास किया बंद, इमारत को कब्जे में लिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीन ने सोमवर को कहा कि अमेरिका के चेंगदू स्थित वाणिज्य दूतावास परिसर के खाली होने के बाद उसने इमारत को अपना कब्जे में ले लिया है।
बीजिंग/चेंगदू, 27 जुलाई चीन ने सोमवर को कहा कि अमेरिका के चेंगदू स्थित वाणिज्य दूतावास परिसर के खाली होने के बाद उसने इमारत को अपना कब्जे में ले लिया है।
चीन ने ह्यूस्टन में चीनी वाणिज्य दूतावास बंद करने के अमेरिका के आदेश के बाद, जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे चेंगदू स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद करने आदेश दिया था।
यह भी पढ़े | चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विमान शंघाई के नजदीक पहुंचे.
चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘ 27 जुलाई सुबह 10 बजे चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया गया।’’
चेंगदू चीन के सिचुआन प्रांत की राजधानी है।
यह भी पढ़े | Google ने अपने कर्मचारियों को दी बड़ी राहत, कोरोना संकट में जून 2021 तक कर सकेंगे वर्क फ्रॉम होम.
बाद में मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि चीन की अपेक्षा के तहत आज सुबह अमेरिका के कर्मियों ने वाणिज्य दूतावास को खाली कर दिया और चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद हो गया है।
उन्होंने बताया कि इसके बाद चीन के सक्षम अधिकारी मुख्य दरवाजे से इमारत में दाखिल हुए और परिसर को अपने कब्जे में ले लिया।
उन्होंने ह्यूस्टन में चीनी वाणिज्य दूतावास को बंद करने के अमेरिकी आदेश के जवाब में चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बंद करने के फैसले का बचाव किया और इसे एक वैध प्रतिक्रिया बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘चीन और अमेरिका के बीच मौजूदा हालात ऐसे हैं, जैसा कोई नहीं चाहता है और इसके लिए पूरी तरह से अमेरिका जिम्मेदार है।’’
वेनबिन ने कहा कि चीन एक बार फिर से अमेरिका से आग्रह करता है कि वह तत्काल अपनी गलतियों को दुरूस्त करे और दोनों देशों के बीच के रिश्तों को सामान्य करने के लिए जरूरी स्थितियां बनाएं।
यह पूछने पर कि क्या ह्यूस्टन स्थिति चीनी मिशन में अमेरिकी अधिकारियों के प्रवेश की प्रतिक्रिया के रूप में चेंगदू स्थिति अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में चीनी अधिकारियों ने प्रवेश किया है, सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है और राजनीतिक उकसावे की शुयुआत की है।
उन्होंने कहा कि चीन को जवाबी कार्रवाई करने का पूरा हक है।
सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि चेंगदू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से सोमवार सुबह छह बजकर 18 मिनट पर अमेरिकी झंडा उतार दिया गया।
पुलिस ने वाणिज्य दूतावास के चारों ओर के इलाके में दो से तीन ब्लॉक बंद कर दिए हैं, जिसके कारण अब इस परिसर को देखा नहीं जा सकता। वाहनों को कई पुलिस लाइनों के पीछे कुछ दूरी से चलते देखा गया।
अमेरिका ने ह्यूस्टन में चीनी वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया था और आरोप लगाया था कि ह्यूस्टन का वाणिज्य दूतावास चीनी जासूसों का अड्डा बन गया है, जिन्होंने टेक्सास में कम्पनियों के डेटा चुराने की कोशिश की।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में वाणिज्य दूतावास के बंद होने पर निराशा जतायी और कहा कि दूतावास ‘‘ तिब्बत सहित पश्चिमी चीन के लोगों के साथ पिछले 35 साल से हमारे संबंधों का केन्द्र रहा है।’’
बयान में कहा, ‘‘ हम चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के फैसले से निराश हैं और चीन में अपने अन्य मिशन के जरिए इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी रखेंगे।’’
हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने एक खबर में बताया कि सुबह 11 बजे से पहले, कई कारें, एक सफेद एम्बुलेंस और दर्जनों चीनी कर्मचारियों को चेंगदू वाणिज्य दूतावास के पास देखा गया।
पुलिस ने वाणिज्य दूतावास के सामने सड़क और पैदल पथ बंद कर दिए हैं और वहां अवरोधक लगाये हैं।
इस वाणिज्य दूतावास की शुरुआत 1985 में की गई थी। इसमें 200 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें से 150 स्थानीय थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)