कोरोना वायरस महामारी की उत्पत्ति की जांच को लेकर चीन-आस्ट्रेलिया के बीच दरार चौड़ी हुई
इस बीच, चीनी राजदूत चेंग जिंग्ये ने इस हफ्ते एक आस्ट्रेलियाई समाचार पत्र में प्रकाशित साक्षात्कार का हवाला दिया, जिसमें यह चेतावनी दी गई है कि जांच पर आगे बढ़ने से चीन अपने छात्रों और पर्यटकों को आस्ट्रेलिया भेजना रोक सकता है तथा उसे ‘बीफ’ एवं शराब का निर्यात भी रूक सकता है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका कोविड-19 की उत्पत्ति का पता लगाने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से अलग एक स्वतंत्र जांच कराये जाने का पक्षधर है।
इस बीच, चीनी राजदूत चेंग जिंग्ये ने इस हफ्ते एक आस्ट्रेलियाई समाचार पत्र में प्रकाशित साक्षात्कार का हवाला दिया, जिसमें यह चेतावनी दी गई है कि जांच पर आगे बढ़ने से चीन अपने छात्रों और पर्यटकों को आस्ट्रेलिया भेजना रोक सकता है तथा उसे ‘बीफ’ एवं शराब का निर्यात भी रूक सकता है।
आस्ट्रेलिया के वरिष्ठ राजनयिक फ्रांसेस एडमसन ने इस साक्षात्कार के बारे में जब चिंता प्रकट की तब चेंग ने टेलीफोन पर हुई अपनी बातचीत को सार्वजनिक करने का असाधारण कदम उठाया। चेंग ने कहा कि उन्होंने एडमसन से अपने वैचारिक पूर्वाग्रह किनारे रखने और राजनीतिक खेल खेलना बंद करने को कहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अमेरिका के साझेदार देशों से चीन से कोविड-19 के विषय में पारदर्शिता एवं जवाब मांगने का अनुरोध किया है।
पोम्पियो ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं चीनी विदेश मंत्रालय की कुछ टिप्पणियां देखी हैं जिनमें आस्ट्रेलिया के बारे में कठोर कदम उठाने की बात कही गई है। दुनिया में ऐसा कौन सा देश है जो इसकी जांच नहीं चाहता कि विश्व के साथ यह कैसे हुआ।’’
वहीं, चीनी विदेश मंत्री ने कहा है कि कठोर आर्थिक कदम उठाने के आरोप बेबुनियाद हैं।
आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मोरीसन जांच की अपनी मांग पर शुक्रवार को दृढ़ नजर आये और इसके लिये किसी अन्य देश के उकसावे में आने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह मांग इसलिए की गई है कि इस तरह की महामारी दोबारा न फैले।
मोरीसन ने सिडनी रेडियो 2 जीबी से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि किसी को भी इस बारे में कोई शक होगा कि यह (महामारी) कहां से शुरू हुई। यह चीन में उत्पन्न हुई और दुनिया यह जानना चाहती है (जिसके लिये काफी समर्थन है) कि इसकी उत्पत्ति कैसे हुई और इससे क्या सबक लिया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसे (जांच) स्वतंत्र रूप से करने की जरूरत है।’’
आस्ट्रेलिया के कुछ प्रमुख कारोबारियों ने आस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार द्वारा बहिष्कार किये जाने से देश को आर्थिक नुकसान होने की चेतावनी दी है।
कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव तक किसी जांच की ओर नहीं बढ़ने की सलाह दी है।
आस्ट्रेलियाई मीडिया उद्योगपति कैरी स्टोक्स ने ‘द वेस्ट आस्ट्रेलियन’ समाचारपत्र का इस्तेमाल कर मोरीसन से चीन को लुभाने का अनुरोध किया है।
उनके समाचार पत्र ने स्टोक्स का हवाला देते हुए कहा है कि अरबों डॉलर के कर्ज के साथ सरकार अर्थव्यवस्था को चालू रखने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि राजनीति एवं संस्थानों में गुप्त विदेशी हस्तक्षेप को आस्ट्रेलिया द्वारा प्रतिबंधित करने से चीन और आस्ट्रेलिया के बीच तनाव चल रहा है।
चीन विशेष रूप से इस बात को लेकर गुस्से में है कि आस्ट्रेलिया ने चीनी संचार कंपनी हुआवेई की सेवाएं संवेदनशील क्षेत्रों में लेने पर पाबंदी लगा दी है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 06:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

