बच्चों को माता-पिता और दादा-दादी का प्यार व स्नेह पाने का अधिकार है: बंबई उच्च न्यायालय
बंबई उच्च न्यायालय ने कहा है कि बच्चों को माता-पिता, दोनों का और दादा-दादी का प्यार व स्नेह पाने का अधिकार है तथा यह उनके (बच्चों के) व्यक्तिगत विकास एवं कल्याण के लिए आवश्यक हैं. अदालत ने पुणे के एक व्यक्ति और उसके माता-पिता को उसके(व्यक्ति के) बच्चों से मिलने की अनुमति देते हुए यह कहा.
मुंबई, 14 अप्रैल : बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने कहा है कि बच्चों को माता-पिता, दोनों का और दादा-दादी का प्यार व स्नेह पाने का अधिकार है तथा यह उनके (बच्चों के) व्यक्तिगत विकास एवं कल्याण के लिए आवश्यक हैं. अदालत ने पुणे के एक व्यक्ति और उसके माता-पिता को उसके(व्यक्ति के) बच्चों से मिलने की अनुमति देते हुए यह कहा. न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की एकल पीठ ने बुधवार को यह आदेश जारी किया, जिसकी प्रति बृहस्पतिवार को उपलब्ध कराई गई. न्यायाधीश ने इस बात का जिक्र किया कि जिस माता-पिता को बच्चों का संरक्षण करने का अधिकार प्राप्त नहीं है, उन्हें अपने बच्चों के साथ कुछ महत्वपूर्ण समय बिताने और उनके साथ का आनंद उठाने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता.
न्यायमूर्ति प्रभुदेसाई ने कहा, ‘‘बच्चों को माता-पिता, दोनों का और दादा-दादी का प्यार व स्नेह पाने का अधिकार है. यह बच्चों के व्यक्तिगत विकास एवं संपूर्ण कल्याण के लिए जरूरी है. ’’ अदालत ने व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही. याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उसे जून 2020 से अपने बच्चों से नहीं मिलने दिया गया. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजिंक्या उदाने ने अदालत से कहा कि बच्चों के दादा-दादी अस्वस्थ हैं और इसलिए वह अपने पोते से मिलना चाहते हैं. यह भी पढ़ें : देश की खबरें | गुजरात :कांग्रेस के पूर्व विधायक आप में शामिल हुए
उदाने ने अदालत से कहा कि उच्च न्यायालय के मार्च 2022 के आदेश के बावजूद बच्चों की मां ने उनके पिता को उनके जन्मदिन पर उनसे मिलने नहीं दिया. अदालत ने व्यक्ति को अपने बच्चों से दो दिन मिलने की अनुमति दी और दंपती के बीच विवाद को मध्यस्थता से सुलझाने के लिए भेज दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2022 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

