देश की खबरें | मुख्यमंत्री सोरेन ने सिद्धो-कान्हो के वंशज की हत्या की जांच सीबीआई से कराने के प्रस्ताव पर सहमति दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अमर शहीद सिद्धो-कान्हो के वंशज स्वर्गीय रामेश्वर मुर्मू की जून माह में हुई हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

रांची, 26 सितंबर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अमर शहीद सिद्धो-कान्हो के वंशज स्वर्गीय रामेश्वर मुर्मू की जून माह में हुई हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में शनिवार को यह जानकारी दी गयी। इसमें कहा गया कि रामेश्वर मुर्मू की हत्या 12 जून 2020 को हुई थी और उनकी हत्या की घटना की जांच सीबीआई से कराने हेतु विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों द्वारा मांग की जा रही थी।

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इस घटना की सीबीआई जांच के संबंध में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक रांची ने मुख्यमंत्री के अनुमोदन हेतु प्रस्ताव भेजा था। यह घटना साहेबगंज जिलान्तर्गत बरहेट थाना कांड संख्या-97/2020 के तौर पर 17 जून की तिथि में दर्ज है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने आज सीबीआई जांच के इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।

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इससे पूर्व मुख्य विपक्षी भाजपा लगातार मुख्यमंत्री से शहीद सिद्धो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रही थी।

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवम् पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ अरुण उरांव ने जून माह में ही सरकार से कहा था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन में आदिवासियों के प्रति थोड़ी भी संवेदना है तो झारखंड के वीर सपूत एवम् अमर स्वतंत्रता सेनानी शहीद सिद्धो कान्हो की छठवीं पीढी के वंशज रामेश्वर मुर्मू की 12 जून को हुई नृशंस हत्या की सीबीआई जांच की वह अनुशंसा करें।

डॉ. अरुण उरांव ने आरोप लगाया था कि 12 जून को हुई हत्या की इस घटना में राज्य प्रशासन की जो भूमिका है उसे देखते हुए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य प्रशासन की धीमी जांच ने यह साबित कर दिया है कि राज्य सरकार की मंशा सिर्फ लीपापोती की है।

भाजपा के अनेक अन्य नेताओं ने अफसोस जताया था कि ऐसे महापुरुष के वंशज की हत्या पर प्राथमिकी दर्ज होने में पांच दिन लग गये थे।

समझा जाता है कि यह मामला संथाल परगना में लोगों की भावनाओं से बहुत अंदर तक जुड़ा है जिसके चलते दुमका विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा की है।

, इन्दु

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