देश की खबरें | उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, मंत्री घर पर हुए पृथक

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देहरादून, एक जून उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद मचे हड़कंप के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा अन्य मंत्री सोमवार को स्वयं घर पर पृथक हो गए तथा कोरोना वायरस की जांच के लिए उनके नमूने भी लिए गये।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तथा राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने यहां बताया कि एक मंत्री की जांच रिपोर्ट में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री रावत तथा अन्य मंत्रिगण ने अपने आपको घर पर पृथक कर लिया है।

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प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उनके परिवार तथा स्टॉफ समेत 22 व्यक्तियों की कल रविवार को आयी जांच रिपोर्ट में उनके कोविड-19 से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। इससे दो दिन पहले महाराज शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी शामिल हुए थे।

इस बीच, देहरादून के जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मंत्री के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण कैबिनेट बैठक में शामिल हुए सभी लोगों के नमूने लिए गये हैं।

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श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘जिले में राज्य के एक कैबिनेट मंत्री जी की स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट कोरोना वायरस पॉजिटिव आने के बाद उत्तराखण्ड शासन से कैबिनेट बैठक के दिन प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बैठक में शामिल हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों और कार्मिकों की सूची प्राप्त हुई है जिनमें सभी के नमूने लिये गये हैं।’’

उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल लोगों के अन्य व्यक्तियों से मिलने की जानकारी भी प्राप्त की जा रही है जिससे सभी संक्रमित व्यक्तियों को चिन्हित किया जा सके।

इससे पहले, प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने कहा था कि भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार मंत्रिमंडल को पृथक किए जाने की जरूरत नहीं है और वे सामान्य कामकाज कर सकते हैं।

नेगी ने कहा, ‘‘कैबिनेट बैठक में माननीय मंत्रिगण व अधिकारी भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के ‘क्लोज कान्टैक्ट’ (निकट सम्पर्क) में न होने के कारण कम जोखिम वाले कान्टैक्ट के अंतर्गत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें पृथक किए जाने की आवश्यकता नहीं है।’’

कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार के निर्धारित दिशानिर्देश की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आये व्यक्तियों के संबंध मे प्रावधान है कि कम जोखिम वाले कान्टैक्ट अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं और 14 दिनों तक उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी।

उन्होंने बताया कि हालांकि, अधिक जोखिम वाले कान्टैक्ट (सम्पर्क में आये व्यक्ति) की दशा में 14 दिन के लिए घर पर पृथक किये जाने तथा आईसीएमआर के प्रोटोकोल के अनुसार जांच कराये जाने का प्रावधान है।

उधर, देहरादून में डालनवाला क्षेत्र स्थित उनके (सतपाल महाराज के) मकान और गली को पूरी तरह सील कर दिया गया है तथा उसे सेनेटाइज किया जा रहा है।

दीप्ति अमित

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